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CM की जन आशीर्वाद यात्रा से पन्ना जिले की है ये चार उम्मीदें, तब जनता देगी आशीर्वाद

सीएम आज जिले में, 7 कस्बों सहित 28 जगह से गुजरेगी यात्रा, सिमरिया से जिले में प्रवेश, पन्ना में रात्रि विश्राम, सीएम से पन्ना को सौगातों की उम्मीद

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Chief Minister's public visit

Chief Minister's public visit

पन्ना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह बुधवार की रात समेरिया से जिले में जनआर्शीवाद यात्रा के रूप में प्रवेश करेंगे। जिले की तीनों विधानसभाओं में 132 किमी. की यात्रा में सीएम 28 जगह से गुजरेंगे, जिसमें पन्ना सहित 7 बड़े कस्बे भी शामिल हैं। चुनाव से पहले आ रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जिले के लोगों को खासी उम्मीद है। वैसे दर्जनों ऐसे पुरानी घोषणाएं भी लंबित हैं, जिन पर सालों बाद भी अमल नहीं हो पाया। सालों से अधूरी घोषणाओं के संबंध में सीएम को याद दिलाने जनता भी उनका बेसब्री से इंतजार कर रही है। यात्रा के आयोजन के लिए जहां एक ओर प्रशासन तैयारी में जुटा है वहीं दूसरी ओर कांग्रेसी आशीर्वाद यात्रा के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन और सभाएं कर रहे हैं।

1. मानसून टूरिज्म भी नहीं हुआ शुरू, सैकड़ों बेरोजगार
जिले में पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व, हीरे की खदानें, सैकड़ों साल पुराने मंदिर, राजस्थान की तरह भव्य किले, कोठियां, रामायण और महाभारत काल के दर्जनों रमणीय स्थल हैं। दुनिया के प्राचीनतम मंदिरों में से एक पार्वती मंदिर, बृहस्पति कुंड, सारंग आश्रम सैकड़ों ऐसे स्थल हैं जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जिले में चालक, गाइड, होटल संचालक, होटलों में काम करने वाले लोग टाइगर रिजर्व बंद होने के साथ ही बेराजगार हो जाते हैं। मानसूर टूरिज्म सर्किट का विकास करके इनको रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। करीब चार साल पूर्व सीएम जब पन्ना टाइगर रिजर्व घूमने आए थे तब उन्होंने यहां के आसपास के पर्यटन स्थलों का विकास करके मानसून टूरिज्म शुरू करने की घोषणा की थी, जिस पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है।

2. जिला अस्पताल अभी तक 200 बेड का ही
सीएम ने जिला अस्पताल का 200 से 300 बेड के रूप में उन्नयन करने की घोषणा की थी। घोषणा को तीन माह से भी अधिक समय हो गया है, इसके बाद भी अभी तक जिला अस्पताल 200 बेड का ही है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के दर्जनों पद रिक्त हैं। इसके बाद भी जिला अस्पताल के उन्नयन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की पद स्थापना को लेकर गंभीरता पूर्वक प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

3. गुनौर को अब भी नगर पंचायत की चाहत
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013 में गुनौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गुनौर ग्राम पंचायत को नगरीय निकाय बनाए जाने की घोषणा की थी। इस बीच जितने बार भी सीएम जिले के दौरे में आए उतनी बार गुनौर की जनता उन्हें अपना वादा याद दिलाई। जन आशीर्वाद यात्रा लेकर पन्ना आ रहे सीएम को एक बार फिर करीब छह साल पुरानी घोषणा याद दिलाने की तैयारी की जा रही है।

4. नहीं पता कब बनेगा डायमंड पार्क
मुख्यमंत्री ने अप्रैल में आयोजित संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के लोकर्पण कार्यक्रम के पन्ना में डायमंड पार्क खोलने की घोषणा की थी। घोषणा के तीन माह बाद भी जनता को यह नहीं बताया गया कि प्रस्तावित डायमंड पार्क कब तक बनकर तैयार होगा और उसका प्रारूप क्या होगा। इससे कितने लोगों को रोजगार मिलेगा और इसे कहां खोला जाएगा।

सजाए स्वागत द्वार, तैयारियों में जुटे नेता-अफसर
मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा की तैयारी मंगलवार को दिनभर चलती रही। कोतवाली चौक के आसपास की सभी झूलते तारों को ऊपर कर लिया गया है। नगर में जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए जा रहे हैं। आयोजन स्थल छत्रसाल पार्क में वाटर प्रूफ पंडाल सजाया जा रहा है। जिला मुख्यालय में पूरे दिन अधिकरियों ने तैयारियों का जायजा लिया। दोपहर में कलेक्टर मनोज खत्री सर्किट हाउस में चल रही तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे।

वन राजस्व सीमा विवाद सुलझाने का नहीं मिला समय
जिले में वन और राजस्व सीमा विवाद हजारों लोगों के बेरोजगार होने का कारण बना है। दरअसल जिले में रोजगार के दो प्रमुख साधन हीरा और पत्थर की खदानें हैं। जिले के बृजपुर-पहाड़ीखेड़ा क्षेत्र की हीराधारित पट्टी का बहुत बड़ा क्षेत्र राजस्व वे वन विभाग के क्षेत्र में चला गया है। संबंधित क्षेत्र में दोनों विभागों की दावेदारी करने के कारण उक्त क्षेत्र में हीरा कार्यालय ने हीरे के पट्टे जारी करना बंद कर दिए, जबकि उक्त क्षेत्र में हजारों की संख्या में हीरा खदानें चलती थीं। इसी प्रकार से बड़ी संख्या में पत्थर खदानें पर्यावरणीय कारणों से वैधानिक रूप से बंद हैं।

अब अस्पताल सुधरने की उम्मीद
प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों में गिने जाने वाले पन्ना के लोगों ने मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए एक माह से भी अधिक समय तक संघर्ष किया। सतना को मेडिकल कॉलेज मिल गया। अब लोगों को यहां के जिला अस्पताल की व्यवस्था सुधरने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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