
Kalinjar Narsanghar's accused dacoit Pappu Yadav arrested with weapons
पन्ना/धरमपुर. जिले के धरमपुर थाने की पुलिस ने वर्ष 2003 में हुए कालिंजर नरसंहार में आरोपी रहे एक डकैत को हथियार और लूट की सामग्री के साथ पकड़ा है। पुलिस को यह सफलता स्थायी वारंटियों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत मिली है। आरोपी के खिलाफ धरमपुर थाने में हत्या, लूट और आम्र्स एक्ट सहित कई अपराध दर्ज थे। जिले की पुलिस द्वारा स्थायी वारंटियों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चला रही है।
थाने में हत्या-लूट, डकैती और आम्र्स एक्ट के अपराध दर्ज
इसी के तहत थाना प्रभारी धरमपुर एमडी शाहिद द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया गया था। उनकी नजरों में डकैत पप्पू उर्फ जयकरण (38 ) पिता संता यादव निवासी गड्डिया थाना कालिंजर जिला बांदा भी था। जिसको लेकर आसपास के क्षेत्र में मुखबिरों के नेटवर्क को सक्रिय किया गया था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पप्पू उर्फ जयकरण यादव अपने घर गड्डिहा से छनिहा ग्राम के तिगैला पर है। वह बाहर भागने की फिराक में है।
घेराबंदी करके आरोपी को पकड़ा
सूचना मिलने पर पुलिस टीम द्वारा थाना प्रभारी शाहिद द्वारा टीम के आरोपी को गिरफ्तार करने के संबंध में जानकारी दी गई। कार्रवाई के दौरान छनिहा तिगैला पर आरोपी पप्पू उर्फ जयकरण छनिहा तिगैला कालिंजर से नरदहा रोड पर होने पाया गया। पुलिस टीम द्वारा आरोपी की धरमपुर की गई एवं आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को अरोपी के पास से 315 बोर का कट्टा, लूटे गए गहने और ६ हजार ५०० रुपए नकदी बरामद हुए हैं।
धरमपुर में लूट और हत्या के अपराध
धरमपुर थाना में आरोपी के खिलाफ हत्या और लूट के अपराध दर्ज थे। आरोपी द्वारा किशोरा लोध निवासी जोधापुरवा की 30 मई 2009 में लखनपुर सेहा में अपने साथी रामलखन, मोहन, छइयन और रामफल यादव के साथ मिलकर हत्या किया था। 2009 में ही 22 फरवरी 2009 को नरदहा के रामप्रसाद सोनी को गोली मारकर सोने- चादी के जेवरात लूटे थे। एसपी पन्ना द्वारा 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। कार्रवाई में थाना प्रभारी एमडी शाहिद, बीएल पांडेय, प्रदीप हरदेनिया, आशीष अवस्थी, आइमत सेन का सराहनीय कार्य रहा। पूरी टीम को पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा पुरस्कृत करने की घेषणा की गई है।
पप्पू यादव गिरोह ने की थी आठ लोगों की हत्या
कलिंजर में पप्पू यादव गिरोह ने आठ लोगों की हत्या की थी और कई लोगों को घायल कर दिया था। जानकार लोगों के अनुसार वर्ष 2003 में दो जीपों में सवार होकर 15-20 लोग कालिंजर किला घूमने आए थे। उसी दौरान पप्पू यादव गिरोह फरारी काट रहा था। बताया जाता है कि फरारी काट रहे पप्पू यादव गिरोह के सदस्य लालपरी ने पर्यटकों में शामिल एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की वारदात को अंजाम दिया था। जिससे पर्यटकों के साथ उसका विवाद हुआ था। इसके बाद अब पर्यटक वाहनों में सवार होकर वापस लौट रहे थे तभी गिरोह के लोगों ने किले में ही बने रानीमहल के पास उनके वाहनों पर दोनों ओर से ताबड़तोफ फायरिंग शुरू कर दी थी। जिससे आठ लोगों की मौके पर मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। उक्त घटना के बाद से पप्पू यादव गिरोह सुर्खियों में रहा था। बताया गया कि उक्त कांड को अंजाम देने वाले गिरोह में धरमपुर पुलिस द्वारा पकड़ा गया आरोपी डकैत पप्पू भी शामिल था।
Published on:
10 Oct 2019 11:26 pm
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