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केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापन के लिए जमीन संबंधी समस्याएं सुलझाने की कवायद शुरू

पन्ना और छतरपुर जिले से विस्थापित होने वाले लोगों की समस्याएं सुलझाने शनिवार-रविवार को लगेगा शिविर, राजस्व रिकॉर्ड होगा अपडेट, केन बेतवा लिंक के मुख्य बांध ढोढऩ में 8 हजार से अधिक लोग होंगे विस्थापित

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Ken-Betwa Link Project

Ken-Betwa Link Project

पन्ना. केन बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों को सही मुआवजा मिले, इसके लिए राजस्व रिकॉर्ड सुधार और अपडेट करने की कवायद शुरू की गई है। राजस्व विभाग फिलहाल छतरपुर जिले से इसकी शुरुआत कर रहा है। छतरुपुर में इस सप्ताह शनिवार-रविवार को विस्थापित होने वाले कुपी और शाहपुरा गांव में शिविर लगाएगा। शिविर में राजस्व रिकॉर्ड में विस्थापितों के नामांतरण, बंटवारा, फौती नामांतरण व नाम में सुधार जैसी प्रक्रियाएं की जाएगी। रिकॉर्ड सुधार के लिए ग्रामीणों को तहसील नहीं आना होगा। तहसीलदार व अन्य राजस्व अमला गांव में ही आवेदन लेकर अगले शिविर तक रिकॉर्ड दुरुस्त करेगा। जिससे मुआवजा संबंधी विसंगतियां सामने न आए। बिजावर एसडीएम राहुल सिलाडिय़ा ने कुपी और शाहपुरा जाकर ग्रामीण से संवाद कर उन्हे राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कराने और शिविर के बारे में जानकारी दी।
एक-एक कर सभी गांवों में लगेंगे शिविर : ढोढऩ में बनने वाले मुख्य बांध के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के 21 गांव प्रभावित होंगे। जिसमें छतरपुर के 14 और पन्ना जिले के 7 गांव प्रभावित होंगे। 10 गांव बांध के डूब क्षेत्र में प्रभावित हो रहे हैं, जबकि वन भूमि की क्षतिपूर्ति में पन्ना जिले के 7 और छतरपुर जिले के 6 गांव मिलकार 13 गांव प्रभावित होंगे। ऐसे में कुल प्रभावित गांव की संख्या 23 है। लेकिन डूब व वन भूमि क्षति पूर्ति में दो गांव की जमीन कॉमन होने से कुल प्रभावित गांव की संख्या 21 हो रही है। छतरपुर जिले के प्रभावित सभी गांवों में एक-एक कर शिविर लगाए जाएंगे। ताकि सभी जगह राजस्व रिकॉर्ड अपडेट हो सकें। पन्ना जिले में अभी इस दिशा में प्रशासन ने काम शुरू नहीं किया है।

घर परिवार व मवेशी भी होंगे प्रभावित

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा बनाए गए प्रारंभिक डीपीआर के मुताबिक 637 कच्चे घर, 1252 आधे कच्चे-पक्के मकान और 24 पक्के मकान डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। प्रभावित घरों के मालिकों को मुआवजा के बतौर पक्के मकान के बदले डेढ लाख, आधा कच्चा-पक्का मकान का एक लाख और कच्चा मकान का 50 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा। दस गांव के डूब क्षेत्र में जाने से न केवल वहां के लोग बल्कि पालतू मवेशी भी प्रभावित होंगे।
बांध में डूब जाएंगे 10 गांव: जल शक्ति मंत्रालय के प्रारंभिक डीपीआर के मुताबिक केन नदी को बेतवा से जोडऩे के लिए ढोढऩ में बनाए जा रहे मुख्य बांध के डूब क्षेत्र में 10 गांव आ रहे हैं। परियोजना के मुख्य बांध से बिजावर तहसील इलाके के बसौदा, भरकुआं, ढोढऩ, घौरारी, खरयानी, कुपी, मैनारी, पलकोंहा, शाहपुरा और सुकवांहा गांव के 1913 घर और 8 हजार 339 लोग बांध से प्रभावित होंगे। वहीं बांध बन जाने से 6 जिलों छतरपुर, पन्ना, झांसी, महोबा, टीकमगढ़, बांदा के 62 गांव के 2480 किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।

प्रोजेक्ट पर एक नजर
केन बेसिन से उप्र में सिंचाई . 2.27 लाख हेक्टेयर
केन बेसिन से मप्र में सिंचाई . 4.47 लाख हेक्टेयर
बेतवा बेसिन से मप्र में सिंचाई . 2.06 लाख हेक्टेयर
लिंक परियोजना से पन्ना जिले में प्रस्तावित सिंचाई रकबा-
70 हजार हेंक्टेयर

प्रभावित हुए गांव
गांव प्रभावित घर
बसौदा 39
भरकुआं 57
ढोढऩ 132
घौरारी 33
खरियानी 300
कुपी 512
मैनारी 75
पलकोंहा 452
शाहपुरा 88
सुुकवाहा 225