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15 मार्च से शुरू होगा खरमास, फिर 48 दिन तक नहीं गूंजेंगी शहनाइयां

-बैंड-बाजा व बारात पर पड़ेगा खलल, अन्य शुभ कार्यों पर भी लगेगा विराम

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Kharmas

पन्ना। मकर संक्रांति पर सूर्यदेव के दक्षिणायन होते ही वैवाहिक समारोह शुरू हो गए। बैंड-बाजा व बारात की इन दिनों गूंज है, लेकिन दो माह बाद 15 मार्च से खरमास लग जाएगा। 2 मई तक गुरु अस्त रहेंगे। इसके चलते 1 मई तक 48 दिन विवाह की शहनाइयां नहीं बजेंगी। 2 मई से फिर विवाह शुरू होंगे। 15 जनवरी से 14 मार्च तक शादी-विवाह के 28 शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद 15 मार्च को सूर्य मीन राशि में चले जाएंगे और खरमास की शुरुआत होगी। धनु और मीन दोनों ही बृहस्पति की राशियां हैं। दोनों राशियों में जाकर सूर्य कमजोर पड़ जाते हैं। इसलिए विवाह सहित अन्य शुभ कार्य नहीं होते।

पं. योगेंद्र अवस्थी ने बताया, पुराणों के अनुसार, भगवान सूर्य 7 घोड़ों के रथ पर सवार होकर ब्राह्मंड परिक्रमा करते हैं। एक बार घोड़े थक गए थे। भूख-प्यास से व्याकुल थे। भगवान ने उनकी दयनीय हालत देख द्रवित हो गए। उन्हें तालाब किनारे ले गए। लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं रहा कि घोड़ों के रुकते ही पूरे ब्रह्मांड में हाहाकार मच जाएगा। जब घोड़े पानी पीने लगते है तो पूरा संसार ठहर सा जाता है और कई प्रकार की मुश्किलें सामने आने लगती है। ऐसे में उन्होंने देखा कि तालाब के किनारे दो खर यानी गधे खड़े हुए है। उन्होंने तुरंत ही गधों को रथ से जोडक़र खींचना शुरू कर दिया। लेकिन गधों की गति काफी कम थी। धीमी गति के कारण जैसे तैसे पूरे एक मास में एक चक्कर पूरा कर लेते हैं। इसके बाद सूर्यदेव दोबारा घोड़ों को जोडक़र पुन तेज गति से ब्रह्मांड घूमने लगते हैं। गधों के द्वारा खींचे गए रथ में पूरे एक मास लेंगे। इसी कारण इसे खरमास कहा जाता है।

तृतीया पर मुहूर्त नहीं

पं. योगेंद्र अवस्थी बताते हैं कि इस बार अक्षय तृतीया 23 अप्रेल को है। गुरु अस्त होने के चलते इस बार पंचांग में अक्षय तृतीया पर शादियों के मुहूर्त नहीं हैं। हालांकि अबूझ मुहूर्त होने के चलते अक्षय तृतीया पर विवाह होंगे। धुरेड़ी पर भी मुहूर्तरू वैसे तो होलीए धुरेड़ी पर शादियों के मुहूर्त नहीं रहते, लेकिन इस बार धुरेड़ी के दिन भी विवाह के मुहूर्त हैं। धुरेड़ी 8 मार्च को होगी।

खरमास तक मुहूर्त

फरवरी: 1, 6, 7, 8, 9, 10, 13, 15, 22, 23, 27, 28

मार्च: 1, 5, 6, 7, 8, 9, 11,14