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राजकीय सम्मान के साथ विदा हुआ शहीद, अचानक तबियत बिगडने से हुआ निधन, जाने पूरा मामला यहां

आशीष बीएसएफ के 164 बटालियन में निरीक्षक के पद पर पदस्थ थे। वर्तमान में उनकी पदस्थापना आरकेपुर त्रिपुरा में थी।

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last farewell to martyr with state honor

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पन्ना। जिले के ग्राम फरस्वाहा निवासी बीएसएफ जवान आशीष त्रिपाठी का त्रिपुरा में अचानक स्वास्थ्य खराब होने के बाद 3 जुलाई को निधन हो गया। आशीष बीएसएफ के 164 बटालियन में निरीक्षक के पद पर पदस्थ थे। वर्तमान में उनकी पदस्थापना आरकेपुर त्रिपुरा में थी। शुक्रवार को उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार आशीष वर्तमान में शहर की गल्ला मंडी के समीप निवासरत शिवसागर त्रिपाठी के बड़े पुत्र एवं करण त्रिपाठी के भतीजे थे। त्रिपाठी 2006 में बीएसएफ में उप निरीक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे। 12 वर्ष की सेवा के दौरान उन्होंने जोधपुर, जम्मू-कश्मीर, श्रीनगर एसपीसी, पंजाब में सेवाएं देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन किया। त्रिपाठी का पार्थिव शरीर गुरुवार देर रात पन्ना पहुंच गया है। देर रात्री में वीर सैनिक के पर्थिव शव के दर्शन के लिए नगर वासियों के आने का क्रम शुरू हो गया। पार्थिव शव को उनेक घर में ही रखा गया, जहा से सुबह ससम्मान अतिम यात्रा निकाली। अतिम यात्रा में हाजरों की संख्या में लोगों ने पुष्व वर्षा की।

राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
बीएसएफ के शहीद जवान आशीष त्रिपाठी को शुक्रवार सुबह करीब ९.३० बजे, नगर के इंद्रपुरी कालोनी स्थित राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस दौरान वीर सैनिक से अंतिम दर्जन के लिए आस-पास के हजारों लोग मौजूद रहे।

बेटे ने किया अंतिम संस्कार
बीएसएफ के 164 बटालियन में निरीक्षक के पद पर पदस्थ वीर सैनिक आशीष त्रिपाठी के बेटे ने अंतिम संस्कार किया। करीब छ: वर्षीय अवोध बालक अंतिम विदाई के दौरान व्याकुल रहा, इस दौरान कई लोगों से पूछा कि पापा को क्या कर रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक ही संतान है।


लोगों ने की तारीफ
शहीद आशीष त्रिपाठी के बारे में चर्चा करते हुए लोगों ने बताया कि इनमें देश भक्ति व सेवा का जुनुन से लबालब थे। बचपन से ही साहसिक कार्यो को करने में कोई हिचक नहीं मानते थे। कठिन शरीरिक परिश्रम करना उनके सबसे पंशदीदा कार्यो में था।