एक मासूम बच्चे को टाइगर से बचाने के लिए एक इंसान ने अपनी जान की बाजी लगा दी.
पन्ना/अजयगढ़. एक मासूम बच्चे को टाइगर से बचाने के लिए एक इंसान ने अपनी जान की बाजी लगा दी, जब उसने देखा कि बच्चा टाइगर की गिरफ्त में है, तो वह टाइगर से भी भिड़ गया, काफी देर तक हुई इंसान और टाइगर की इस लड़ाई में इंसान की जीत हुई, उसने टाइगर के दोनों पैर उठाकर उसे पटक दिया तो टाइगर को भी भागने पर मजबूर होना पड़ा, लेकिन इस लड़ाई में इंसान गंभीर रूप से घायल हो गया।
राह चलते बच्चे को बचाने के लिए एक किसान बाघ से भिड़ गया। काफी देर तक चले द्वंद्व के बाद उसने बाघ को पटखनी देकर बालक को उसके मुंह से निकाल लिया। अजयगढ़ रेंज के थरके पुरवा गांव में बुधवार को हुई घटना में किसान बुरी तरह जख्मी हो गया है।
जिला अस्पताल में भर्ती थरके पुरवा के किसान धर्मेंद्र यादव ने बताया, वह जंगल से लगे सिमरा हार में सिंचाई कर रहा था। खेत ऊंचा-नीचा है। धर्मेंद्र ऊंचाई पर पानी लगा रहा था। नीचे से बच्चे के चीखने की आवाज सुनी तो पहुंचा। देखा, बच्चे के पास बाघ बैठा है। उसे भगाने का प्रयास किया, बाघ नहीं भागा तो पास जाकर बच्चे को हटाने लगा।
यह भी पढ़ेः इंदौर की दुकानों में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी
बाघ को दोनों पैर से पकड़कर पटका
बाघ ने धर्मेंद्र पर हमला बोल दिया। उसने बाघ को दोनों पैर पकड़ कर पटक दिया। इसके बाद बाघ भागा। उसके पैर, पीठ, सिर पर चोट आई है। रेंजर नीलेश प्रजापति ने बताया, पंजों के घाव तेंदुए जैसे है।