
Nagar council did not make even after CM announce in Gunour panna
पन्ना/गुनौर. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जन आर्शीवाद यात्रा लेकर आगामी 25 मार्च को जिले के गुनौर, पवई और पन्ना विधानसभा क्षेत्र में आ रहे हैं। जिसको लेकर जहां एक ओर भाजपा और प्रशासन के लोग तैयारियों में जुटे हैं वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से जुड़े लोग यात्रा के विरोध की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इन सबे बीच आम वोटर तो वहीं सोच रहा है कि जब सीएम ने वर्ष 2013 में ग्राम पंचायत को नगर परिषद का दर्जा देने की घोषणा के बाद भी ध्यान नहीं दिया तो फिर अब किस बात का आर्शीवाद लेने आए हैं। गुनौर क्षेत्र विकास के मामले में जिले की तीनों विधानसभाओं में सबसे पिछड़ा है। यहां लोगों को पानी, बिजली और सडक़ जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिये जूझना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुनौर में वर्ष 2013 में आयोजित अंत्योदय मेला के दौरान ग्राम पंचायत गुनौर को नगर परिषद का दर्जा दिलाने की घोषणा की थी। तत्कालीन सांसद जीतेंद्र सिंह ने भी गुनौर को नगरीय क्षेत्र की दर्जा दिलाने की बात कही थी। इसके अलावा तत्कालीन विधायक राजेश वर्मा ने गुनू सागर से बरही नहर और ककरहटी व सलेहा को पूर्व तहसील का दर्जा दिलाने की मांग की थी।
जिसपर सीएम ने आश् वासन दिया था कि अगली बार भाजपा की सरकार बनने पर उक्त सभी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। पांच साल बाद एकबार फिर चुनाव के ठीक पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता का आर्शीर्वाद लेने के लिये जनता के बीच आ रहे हैं। जिसके तहत आगामी २५ जुलाई को वे पन्ना, गुनौर और पवई तीनों विस क्षेत्रोंं में सभाओं को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर गुनौर में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
सीएम को याद दिलाएंगे पुराने वाले
स्थानीय लोगों ने बताया, सीएम ने चुनाव के टीक पहले लोगों से वादा किया और चुनाव जीतने के बाद उसे भूल गए। एकबार फिर चुनाव आने वाला है तोि उसके ठीक पहले फिर रथ लेकर निकले हैं। लेकिन हम लोग उन्हें यहां की जलता के साथ पूर्व में किए गए चुनावी वादों की याद दिलाएंगे। जिससे उन्हें समझ में आएगा कि वे जनता के साथ धोका कर रहे हैं। इसके तहत आम जनता की ओर से सीएम को ज्ञापन देने की तैयारियां की जा रही हैं।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा सीएम के यात्रा के विरोध करने को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है। लोगों ने बताया, यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिये जूझ रहे हैं। लोगों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। गुनौर की जगह सामुदयिक स्वास्थ्य केंद्र अमानगंज में बना है। जिससे यहां लोगों को इलाज तक नहीं मिल पाता है। यहां का अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। जिससे यहां लोगों की सेहत को ठीक रखने का पूरा जि मा झोलाडाप डॉक्टरों पर छोड़ दिया गया है। यहां कॉलेज में सिर्फ कला संकाय चल रहा है। उसमें भी पढ़ाने के लिये स्टॉप नहीं है। जिससे क्षेत्र की करीब 80 फीसदी छात्राएं 12 वीं के आगे पढ़ाई नहीं कर पा रही हैं।
Published on:
20 Jul 2018 09:21 pm
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