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भुसावल के केले मात देगा MP का केला, इस जिले में हुआ बंपर उत्पादन

उत्पादन प्रारंभ: जिले में 100 क्विंटल केले का उत्पादन, रायपनिंग चेम्बर प्लांट की व्यवस्था का मिला आश्वासन

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Panna banana farming news in hindi

Panna banana farming news in hindi

पन्ना। देशभर में महाराष्ट्र के भुसावल का केला मशहूर है। वहीं अगर मध्यप्रदेश में केले की बात करें तो बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन केले की खेती के लिए जाने जाते हैं। लेकिन अब पन्ना जिले में भी इसका उत्पादन तेजी से शुरू हो रहा है। कुछ किसानों ने केले की फसल लगाकर बंपर उत्पादन प्राप्त किया है। जिससे जिलेभर के किसानों में खुशी की लहर है। सबका मानना है कि अगर जिले में ये खेती लाभ का धंधा बनती है तो सभी ये खेती करेंगे।

सहायक संचालक उद्यान महेन्द्र मोहन भट्ट ने बताया है कि पन्ना जिले में वर्ष 2017-18 में 100 क्विंटल केले का उत्पादन हुआ है। कृषक रामभगत कुशवाहा गुखौर, नारायण चौरसिया पटना तमोली, शरण गोपाल सिंह पिपरिया के यहां जी-9 टीशू कल्चर प्रजाति का उत्पादन प्रारंभ हो गया है।

जल्द होगी रायपनिंग चेम्बर प्लांट की व्यवस्था
जबलपुर एवं इंदौर के व्यापारियों से विक्रय की व्यवस्था की जा रही है। पटना तमोली के किसान बृजमोहन चैरसिया ने सहायक संचालक उद्यान भट्ट से संपर्क कर विपणन संबंधी समस्याओं के बारे में बताया। इस संबंध में भट्ट ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा है कि जल्द ही केले की फसल को पकाने रायपनिंग चेम्बर प्लांट की व्यवस्था की जाएगी, जिसके बाद किसान अपना उत्पादन क्षेत्रीय स्तर पर भी सप्लाई कर सकेंगे।

कद्दूवर्गीय सब्जियों के लिए दी सलाह
कृषि विज्ञान केन्द्र के बीएस किरार वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं आरके जायसवाल द्वारा कद्दूवर्गीय सब्जियों के उत्पादन के लिए कृषकों को समसामयिक सलाह दी गई। कद्दूवर्गीय सब्जियों के अंतर्गत खीरा, ककड़ी, लौकी, तोरई, कुंहड़ा, करेला, टिंडा, तरबूज एवं खरबूज आदि फसलों की निंदाई गुड़ाई करके यूरिया 20 किग्रा प्रति एकड़ का छिड़काव करें।

सब्जियों में सिंचाई हमेशा शाम के समय करें

सब्जियों में सिंचाई हमेशा शाम के समय करें। सब्जियों में प्रमुख कीट फल मक्खी की मादा कीट कोमल फलों में छेद करके छिलके के भीतर अण्डे देते हैं। अंडों से इल्लियां निकलती हैं तथा फलों के गूदों को खाती हैं जिससे फल सडऩे लगते हैं। क्षतिग्रस्त फल टेढ़े-मेड़े हो जाते हैं।

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