
panna me patwari ke 60 fisdi pad rikta
पन्ना। गुनौर अनुभाग में पटवरियों के स्वीकृत पदों में से 60 फीसदी रिक्त हैं। इससे राजस्व विभाग की व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। ग्रामीणों के वारसाना, नामांतरण, फौती नामांतरण जैसे सैकड़ों केस पेंडिंग हैं। मैदानी अमले की कमी से भारी परेशानी हैं। लोगों को गलत जानकारी तक मिल रही हैं। दस्तावेजों की नकल निकलवाने के दौरान ऐसी शिकायत आ चुकी हैं। जिला प्रशासन के जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार, गुनौर राजस्व अनुभाग क्षेत्र में ५४ पटवारी हलके हैं। इनमें सिर्फ २२ पटवारी काम कर रहे हैं। हालत यह है कि एक पटवारी के पास दो से अधिक हलकों को भार है। कुछ के पास तीन-तीन हलकों या उससे अधिक का प्रभार है। ऐसे में संभव नहीं होता है कि पटवारी प्रतिदिन सभी हलकों में पहुंचे। साथ ही मुख्यालय से जुड़े दस्तावेजी काम भी निपटाए। काम निपटाने के लिये पटवारियों ने हर हलके में बिचौलिए रखे हैं। ग्रामीणों को पटवारियों से काम कराना होता है तो काम दलालों के माध्यम से ही होते हैं।
एक पर कई हलकों का प्रभार
एक पटवारी के पास कई हलकों का प्रभार होने से पटवारी को खुद नहीं पता होता है कि वह किस दिन कौन से हलके में जाएंगे। ग्रामीणों को भटकना पड़ता है। इससे दलालों के माध्यम से काम निपटाने की सलाह दी जाती है। जिसके लिये ग्रामीणों को विभाग द्वारा निर्धारित राशि से कहीं अधिक देना होता है। पटवारियों द्वारा दलालों के माध्यम से काम कराए जा रहे हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है। इसके बाद भी मुख्यालय से गांव-गांव तक फैले बिचौलियों पर अंकुश नहीं लग रहा हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के किसी-किसी हलके में पटवारी महीनों नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीण शिकायतें करते हैं तो ध्यान नहीं दिया जाता है।
समय पर नहीं हो रहे काम
पटवारियों के पद रिक्त होने का सीधा असर तहसील और एसडीएम कार्यालय के कामकाम पर भी पड़ता है। किसानों के फौती नामांतरण, जमीन संबंधी दस्तावेजों की नकल सहित अन्य काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। किसानों को महीनों पटवारी और तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नवागत तहसीलदार व एसडीएम भी ध्यान नहीं दे रहे है। समस्या यथावत बनी है। कई बार विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान दिलाया गया। सभी ने अनदेखी की।
जिलेभर में ऐसे हालात
रिक्त पदों के कारण गुनौर ही नहीं जिले के अधिकांश अनुभाग क्षेत्रों में समस्या है। सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब सूखे आदि के सर्वे के काम एकसाथ शुरू हो जाते हैं। समय सीमा में निर्धारित कामों को पूरा करने में भी परेशानी उठानी पड़ती है। पटवारियों के साथ ही राजस्व विभाग के अन्य अधिकरियों के पद भी रिक्त हैं। इसका असर सरकारी कामकाम पर भी देखा जा रहा है।
54 हलके हैं। जिनमें 22 पटवारी पदस्थ है। कुछ पटवारियों को चार-चार हलके तक देने पड़े हैं। इसके बाद भी दलालों से काम कराना पूरी तरह से गलत है। बैठक में जांच करूंगा। यदि पटवारियों द्वारा गलत किया जाना पया जाता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लाखन सिंह चौधरी, तहसीलदार गुनौर
पटवारियों द्वारा निजी तौर पर काम कराने के लिए दलालों को रखा गया है तो यह गलत है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। अभी मैं नया हूं, अधिक जानकरी नहीं है।
सिकल चंद्र परस्ते, एसडीएम गुनौर
Published on:
26 Aug 2018 02:34 pm

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