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मध्यप्रदेश में गाय की जान बचाने के लिए 5 घंटे तक चला रेस्क्यू, स्थानीय लोगों की मदद से निकाला गया बाहर

स्थानीय लोगों ने चलाया अभियान, सूचना देने के बाद भी नगर परिषद से मदद नहीं, स्थानीय प्रशासन ने भी नहीं दिया ध्यान, निकालने के बाद कराया गया इलाज
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पन्ना

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Suresh Mishra

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Updated: 2 Aug 2018, 3:19 PM IST

Save the life of cow in Madhya Pradesh Lasted 5 hours Rescue

Save the life of cow in Madhya Pradesh Lasted 5 hours Rescue

पन्ना। पवई क्षेत्र में केबल बिछाने के लिए पतने नदी के पुल के पास संकरी नाली में गिरी गाय को बचाने लोगों ने 5 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। गाय मंगलवार की शाम गिर गई थी। गड्ढा इतना संकरा था कि, वह हिल भी नहीं पा रही थी। नगर परिषद, एसडीएम और डायल 100 को जानकारी दी गई। डायल 100 के पहुंचने पर युवा जन चेतना समिति के दो दर्जन सदस्य भी पहुंच गए।

गाय को निकालने के लिए चारों ओर से जमीन खोदी गई। पांच घंटे के बाद जेसीबी की मदद से रात 12 बजे गाय को सुरक्षित निकला जा सका। वहां से पशु चिकित्सालय की टीम द्वारा प्राथमिक उपचार दिया गया। उसके बाद से गाय स्वस्थ्य है।

ये है मामला
बताया गया है कि, केबल बिछाने जगह-जगह संकरी नालियां और गड्ढे खोदे जा रहे हैं। मंगलवार की शाम 7 बजे संकरी नाली में गाय गिर गई थी। पहले आसपास के लोगों ने निकालने का प्रयास किया। सफलता नहीं मिलने पर डायल 100, नगर परिषद और एसडीएम को जानकारी दी गई। एसडीएम ने नगर पालिका के कर्मचारियों को भेजकर गाय निकलवाने का आश्वासन दिया।

टार्च और मोबाइल की रोशनी में खुदाई की

कुछ देर बाद डायल 100 के कर्मचारी आरक्षक वीरेंद्र खरे और चालक अवधेश तिवारी पहुंचे। तभी जन युवा चेतना के दो दर्जन सदस्य पहुंच गए। मिट्टी को खोदने का निर्णय लिया गया। पानी भरा होने के कारण मिट्टी गिरने से दलदल बनता जा रहा था। टार्च और मोबाइल की रोशनी में खुदाई की गई। आखिरकार रात 12 बजे गाय को रस्सी और जेसीबी से निकाला गया।

मौके पर ही प्राथमिक उपचार
गाय को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। गाय को बाहर निकालने में युवा जन चेतना समिति के प्रभाशंकर गर्ग, रोहित खटीक, सत्यपाल सिंह, विक्रम पटेल, शिव विश्वकर्मा, सुरेन्द्र सिगरोंल, सुदीप नगायच, प्रकाश गुप्ता, विशाल खटीक, विवेक सक्सेना, सरीफ खान, विनीत नामदेव, जीत बढ़ौलिया ने सहयोग दिया। बताया गया है कि, सिर्फ पवई ही नहीं जिलेभर में गड्ढों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। बावजूद, जिम्मेदार ध्यान दे रहे।