
Strict action will be taken against the officials who do quality work
पन्ना. जिला जल उपभोक्ता समिति की बैठक शुक्रवार को कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में हुई। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अफसरों से चर्चा करते हुए उन्होंने एक मध्यम व 132 लघु सिंचाई सिंचाई योजनाओं की जानकारी जल उपभोक्ता समिति की अध्यक्षों से ली। बैठक में इन सिंचाई योजनाओं से संबंधित अधिकारी एवं जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री बीएल दादोरिया, उपयंत्री व सहायक यंत्री उपस्थित रहे। इस दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन उपयंत्रियों द्वारा लापरवाही की जा रही उनकी एक-एक वेतनवृद्धि रोकी जाए।
शिकायत मिलने के बाद तत्काल होगी कार्रवाई
बैठक में जल उपभोक्ता समितिवार चर्चा करने के उपरांत जल संसाधन विभाग के संबंधित तकनीकी अधिकारियों से चर्चा कर निर्देशित किया गया कि आगामी रबी मौसम के लिए किसानों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराएं। जिन सिंचाई योजनाओं की नहरे क्षतिग्रस्त हैं। उनके मरम्मत का कार्य 15 दिवस के अन्दर पूर्ण कर दिया जाए। जिससे किसानों को सिंचाई में किसी तरह की कठिनाई न आए। उन्होंने जिले में पूर्व में निर्मित की गयी सिंचाई योजनाओं गुणवत्ताहीन पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यपालन यंत्री दादोरिया को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य कराने वाले संबंधित तकनीकी अधिकारियों की जानकारी तैयार कर उपलब्ध कराएं। उन्होंने समय पर काम पूरा न करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
चिंचाई परियोजना की कलेक्टर ने की बैठक, लगाई फटकार
उन्होंने कहा कि लापरवाह ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई न करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नहरों की मरम्मत के लिए प्राप्त राशि से 15 दिवस के अन्दर नहरों की मरम्मत का कार्य पूर्ण करा लिया जाए। इसके अलावा जिन सिंचाई परियोजनाओं का जल किसी कारण से भण्डार क्षेत्र से बाहर निकल रहा है उसे रोकने की कार्यवाही करें। यदि सिंचाई योजनाओं के सिकेज बंद नही होते तो बहने वाले पानी को रोकने के लिए बोरी बंधान अथवा अन्य जल संरक्षण संरचना तैयार कर पानी को बहने से रोकने की कार्यवाही तुरंत की जाए। सिंचाई योजनाओं में भण्डारित पानी का शत प्रतिशत सद्पयोग किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
जिले को कुपोषणमुक्त करने पर जोर
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने महिला बाल विकास विभाग के कार्योे की भी समीक्षा की। परियोजनावार किए गए कार्यों की जानकारी लेने के बाद कलेक्टर ने कहा, जिले में चलाए गए कुपोषण संजीवनी अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जाए। प्रथम चरण में अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर उन्हें गोद लेने की जानकारी ली। बहुत से बच्चे अति कुपोषण से बाहर आकर सामान्य श्रेणी में आना प्रारंभ हो गए हैं। अब जिले के शत प्रतिशत कुपोषित बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने के लिए हमें प्रभावी रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य में ग्राम स्तरीय अभ्युदय दलों का सहयोग प्राप्त करें। इन कुपोषित बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विभिन्न विभागों के ग्रामीण स्तर पर पदस्थ अधिकारी/ कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य सामान्यजनों को गोद लेने के लिए प्रेरित करें। बैठक में अतिकुपोषित बच्चों जिन्हें पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती रखकर उपचार कराया जाना है इसके संबंध में निर्णय लिया गया कि ऐसे शत प्रतिशत बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्रों में भर्ती कराया जाए।
Published on:
26 Oct 2019 06:09 pm
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