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ये हैं मददगार: विपरीत परिस्थिति में पहुंचा रहे विश्वसनीय खबरें

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Corona live update : इन नम्बरों पर चिकित्सकों से ले सकते हैं परामर्श

Corona live update : इन नम्बरों पर चिकित्सकों से ले सकते हैं परामर्श

पन्ना. कोरोना वारयसस के संक्रमण के चलते पूरा देश में २१ दिन के लिए लॉक डाउन है। ऐसे में अन्य जरूरी सुविधाओं की तरह विश्वसनीय खबरें आप तक पहुंचाना भी मुश्किल काम है। इसमें सबसे ज्यादा चुनौती कस्बों व गांवों से समाचार एकत्रित कर मुख्यालय तक पहुंचाने व घर-घर अखबार देने वाले हॉकर्स को होती है। संक्रमण के साथ-साथ आने-जाने व पुलिस की सख्ती से भी दो-चार होना पड़ता है। इसके बावजूद पत्रिका के मददगार इस काम में तन्मयता से जुटे हुए हैं।

संक्रमण से ज्यादा पुलिस का डर: रविशंकर
पवई संवाददाता रविशंकर सोनी ने बताया कि जिलेभर में धारा 144 लागू है। जिस कारण समाचार बांटने वाले लड़के डरे हुए हैं। उन्हें महामारी से ज्यादा पुलिस का डर बना हुआ है। कई जगह मारपीट की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। जबकि, समाचार पत्र जरूरी सेवा में आता है। प्रशासन को समस्या के निदान को आगे आना चाहिए।

नहीं मिल रहे लड़के, खुद बांटते हैं अखबार : प्रमोद
अमानगंज के प्रमोद वर्मा बताते हैं कि उनकी एजेंसी में समाचार पत्र वितरण काम करने वाले लड़के नहीं आ रहे। इससे उन्हें भी समाचार पत्र बांटना पड़ जाता है। समाचार पत्र बांटने वालों के परिजनों ने अपने बच्चों को सामचार पत्र बांटने के लिए फिलहाल मना कर दिया है। वहीं लाकडाउन के चलते कस्बे के ज्यादातर प्रतिष्ठान बंद हैं, जिस कारण सेल ५० फीसदी ही रह गई है। कुछ लोग बाहर के थे, इसलिए गांव चले गए हंै। जो हैं संक्रमण के डर से वे भी पेपर नहीं उठाते।

हर मुश्किल में शहर के साथ, पीेछे नहीं हटेंगे : रवि
रवि गुप्ता ने बताया कि हमारे यहां अखबार की नियमित कापियां आ रही हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण व लॉकडाउन की वजह से पूरा शहर बंद है। लेकिन घर-घर अखबार पहुंचाने का सिलसिला जारी है। बाजर बंद हो जाने से कुछ प्रतियां जरूर कम हो गई हैं, लेकिन हौसाल वैसा ही बना हुआ है। यही वजह है कि महामारी के खतरे के बीच भी देश सेवा के इस काम में पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। कुछ लड़के जरूर पीछे हट रहे थे, लेकिन उन्हें समझा दिया है।

सामूहिक प्रयास से इस बार भी जीतेगा देश : विवेक
पन्ना में एजेंसी संचालक विवेक सोनी बताते हैं कि पहले भी कई तरह की विपदाएं आई हैं। लेकिन, सामूहिक प्रयास से हर बार जीत मिली है। इस बार भी देश जीतेगा। आपदा की स्थिति में आमजन तक विश्वसनीय खबरें पहुंचान देश सेवा का काम है। इससे हम पीछे नहीं हटने वाले।