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पन्ना। देश में लगभग हर साल स्वदेशी सामान को अपनाने के लिए सरकार व आम आदमी की तरफ से लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही साथ चायनीज आइटम को मात देने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। जिसका उदाहरण मध्यप्रदेश के पन्ना शहर में देखने को मिला है। यहां पर रतिराम बंसकार अपनी अद्भुत कला से बांस के लोभलुभाने,बहुत सुंदर खिलौने बना रहे हैं लेकिन उन्हें इस कला की सही कीमत नही मिल पा रही है।
बर्तन बनाकर करते हैं भरण पोषण
भले ही लोग सस्ता सामान खरीदने के लिए चायनीज खिलौने सहित आदि सामान को पसंद करते हैं लेकिन हमारे देश के हर गांव ,हर शहर और हर गली में आज भी ऐसे कलाकार मौजूद हैं जो अपनी कला से लोगों का मन लुभा सकते हैं और चायनीज सामान को बहुत आसानी से मात दे सकते हैं। ठीक इसी प्रकार की कलाकृति मध्यप्रदेश के पन्ना शहर के रतिराम बंसकार के पास हैं। जिनके द्वारा बनाये जा रहे बांस के खेल खिलौनों सहित कुछ सामान लोग आजकल बहुत पसंद कर रहे हैं। वैसे तो रतिराम एक गरीब परिवार से आते हैं और बांस के बर्तन बनाकर अपना व अपने परिवार का भरणपोषण करते है।
रतिराम बांस के घर ,बैलगाड़ी, मंदिर ,मूर्तिया ,चाय पानी पीने के लिए कप गिलास, सोफा पलंग, मग, इतना ही नहीं बांस के बहुत सुंदर झुमके भी रतिराम अपनी कलाकृति से बनाते हैं लेकिन रतिराम को इतनी सुंदर कला का उचित मूल्य इसलिए नहीं मिल पा रहा है क्योंकि लोगों को चायनीज आइटम व खिलौने पसंद आते हैं।
कई जिलों में कर चुके हैं कला का प्रदर्शन
अगर रतिराम बंसकर को अपनी कलाकृति को प्रदर्शित करने के लिए अच्छा प्लेटफार्म मिल जाये तो उनकी आर्थिक स्थिति पर सुधार आ सकता है। साथ चायनीज सामान को खरीदने वालों का मन भी रतिराम के खेल खिलौनों की तरफ आकर्षित हो सकता है। रतिराम अपनी कला से बनाये खेल खिलौनों का प्रदर्शन भोपाल सहित प्रदेश के अन्य जिलों में कर चुके हैं। इसके लिए उन्हें वन विभाग के द्वारा प्राणपत्र से सम्मानित भी किया गया है।
Published on:
08 Dec 2020 12:47 pm
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