
tiger population in panna national park
पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन से निकलकर बीते करीब एक माह से बिना कॉलर आईडी वाला युवा बाघ पवई, मोहेंद्रा व रैपुरा रेंज के जंगलों में भटक रहा है। करीब एक पखवाड़े तक मोहंद्रा रेंज के सिद्ध धार्मिक स्थल दानदाई के आसपास ठहरने के बाद अब बाघ मोहद्रा रेंज के मड़वा घाटी स्थित जोधपुर के हनुमानमंदिर के आसपास देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों द्वारा बाघ को करीब एक सप्ताह से जोधपुर के जंगल में स्थित हनुमान मंदिर के आसपास देखा जा रहा है। शनिवार सुबह मार्ग से करीब एक दर्जन लोग गुजर रहे थे तभी बाघ को देखा गया। लोगों ने बाघ की मौजूदगी का वीडियो भी बनाया और वन विभाग के लोगों को जानकारी दी। बाघ का इस तरह से क्षेत्र में लगातार मौजूद रहना सुरक्षा के लिए खतरा है। उक्त मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोग डरे और सहमे हैं।
बाघ को रेडियो कॉलर नहीं पहनाया गया
उक्त बाघ करीब एक माह पूर्व पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन के सुरक्षित जंगल से निकलकर बफर जोन होते हुए दक्षिण वन मंडल के रेगुरल फारेस्ट में चला गया था। इस बाघ को रेडियो कॉलर नहीं पहनाया गया है। इससे इसकी सतत मॉनीटरिंग नहीं हो पा रही है। बाघ की मौजूदगी के शुरुआती दिनों में दक्षिण वन मंडल की टीम द्वारा सघन निगरानी की जा रही थी।
इन क्षेत्रों में बाघ की धमक
करीब एक सप्ताह तक बाघ पवई रेंज के सघन वन क्षेत्र में घूमता रहा है। इसके बाद मोहंद्रा रेंज के दानदाई सिद्ध क्षेत्र पहुंच गया था। इसके आसपास के क्षेत्र में करीब एक सप्ताह तक उसे देखा गया था। यहां वह रैपुरा और मोहंद्रा के जंगल में देखा जा रहा था। अब बीते एक सप्ताह से उसे मड़वा घाटी के जोधपुर जंगल में हनुमानजी मंदिर के आसपास देखा जा रहा है।
जय भोलेनाथ रक्षा करना, सब लोग बैठ जाओ
शनिवार सुबह ग्रामीण मड़वा-रैपुरा मार्ग से गुजर रहे थे, इसी दौरान अचानक मंदिर के पास उनका सामना बाघ से हो गया। ग्रामीणों ने देखा कि उनसे महज 50-50 मीटर की दूरी पर बाघ सामने से जा रहा है तो ग्रामीणों के हाथ-पैर फूल गए। उन्हेंं समझ नहीं आ रहा था कि अब वे क्या करें और बाघ की नजरों से सभी लोगों को कैसे बचाएं।
भेालेनाथ से रक्षा के लिए प्रार्थना
युवा वर्ग के लोग अति उत्साह में वीडियो बनाने लगे तो ग्रामीणों ने डांटकर सभी को बैठा दिया और भेालेनाथ से सभी लोगों की रक्षा के लिए प्रार्थना करने लगे। कुछ समय बाद जब बाघ आंखों से ओझल हो गया तब लोगों ने राहत की सांस ली और अपने गंतव्य की ओर बढ़ चले। मार्ग में अचानक इस तरह से बाघ को बीते करीब एक सप्ताह से देखा जा रहा है। ऐसे हालात में इंसान और बाघ दोनों की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी है।
रमणीय स्थल है जोधपुर
मड़वा घाटी के जिस जोधपुर स्थल के आसपास बाघ को देखा जा रहा है। यह स्थल बेहद रमणीय है। इस सघन वन क्षेत्र में एक पुराना किला है। इस किले के पास ही हनुमानजी का मंदिर बना है। इसके पास ही जलस्रोत है। इस जलस्रोत में अभी पर्याप्त पानी है। इस क्षेत्र में बाघ को पर्याप्त मात्रा में शिकार और पानी मिलने के कारण वह बीते कई दिनों से इसी क्षेत्र में टिका है। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ घाटी के गांव अमदर, नयागांव व नीचे घाटी में अकसर पहुंच जाता है, जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी है।
Published on:
12 Mar 2018 01:36 pm
बड़ी खबरें
View Allपन्ना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
