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Emotional story: पति-पत्नी, बहन-बहनोई और समधी-समधन की जोड़ी बिछड़ी, दर्द दे गया उत्तराखंड हादसा

emotional news- उत्तराखंड हादसाः विशेष विमान से लाए गए 25 शव, अपनों की देह देखी तो गांवों में मच गई चीख-पुकार...>

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पन्ना

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Manish Geete

Jun 07, 2022

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पन्ना जिले के ‘अनमोल हीरे’ उत्तराखंड की खाई में हमेशा के लिए खो गए। बस हादसे में पवई निवासी अवधेश पांडेय, पत्नी शकुंतला के अलावा बहन अवधेश की बहन अनिल कुमारी, बहनाई जागेश्वर प्रसाद गर्ग, समधी बद्री प्रसाद, समधन चंद्रकली की जोड़ी टूट गई। अवधेश के बेटे पंकज के अनुसार हादसे से चंद घंटे पहले ही माता-पिता और सास-ससुर से वीडियो कॉल पर बात की थी। पिता अवधेश ने भगवान ऋषिकेश के लाइव दर्शन कराए थे। कहा था, यहां प्राकृतिक सुंदरता बहुत है। यात्रा बढ़िया चल रही है। यात्रा में आगे जाना था, इसलिए फिर कॉल करने की बात कहते हुए उन्होंने फोन रख दिया था। अवधेश तहसील कार्यालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। जागेश्वर शिक्षक थे। एक हीपरिवार से छह लोगों की मौत से पूरे परिवार में मातमी माहौल है।

गांव के इकलौते डॉक्टर चले गए, अब कौन करेगा इलाज

बुद्धसिंह साटा गांव से नौ लोग तीर्थयात्रा पर गए थे। आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें डॉ. राजाराम सिंह और पत्नी गीता सिंह भी शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार राजाराम गांव के इकलौते डॉक्टर थे। वे हर वक्त हम लोगों के साथ खड़े रहते थे। राजाराम के निधन के बाद अब गांव में कोई डॉक्टर नहीं, जो लोगों को उपचार दे सके। इस गांव में द्विवेदी परिवार के महिला-पुरुषों को मिलाकर छह और सिंह परिवार के एक दंपती की मौत हुई है। उधर, पन्ना जिले के मोहन्द्रा गांव के बांके बिहारी कटैहा और पत्नी रामसखी की भी हादसे में मौत हुई है। बांके की बेटी रजनी कटनी जिले के खमतरा के स्कूल में कार्यरत हैं। कुछ ही दिन पहले की बात है, रजनी अपने माता-पिता को तीर्थयात्री पर विदा करने के लिए गांव गई थी। फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया था। अब वह अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रवाना हुई है।