
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बिहार की बेटी आरध्या (फोटो- X@Anurag_Office)
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की रहने वाली 9वीं कक्षा की छात्रा आराध्या सिंह ने अपनी असाधारण प्रतिभा और तकनीक के बेहतरीन इस्तेमाल से सभी को हैरान कर दिया है। महज 14 साल की छोटी सी उम्र में, आराध्या ने धार्मिक ग्रंथ हनुमान चालीसा का दुनिया भर की 234 अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद किया है। आराध्य को इस उपलब्धि के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर ने सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
पटना के सेंट कैरेंस स्कूल की छात्रा आराध्या ने महज छह महीनों में 234 भाषाओं में अनुवाद का कार्य पूरा कर लिया। इसे लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने तकनीक का सहारा लिया। आरध्या ने इसके लिए गूगल ट्रांस्लेट और अन्य डिजिटल टूल्स का उपयोग किया। आराध्या का कहना है कि वो हनुमान चालीसा के माध्यम से सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना चाहती हैं। इसी कारण से उन्होंने इस ग्रंथ का दुनिया की विविध भाषाओं में अनुवाद करने का बीड़ा उठाया।
आराध्या ने हनुमान चालीसा का अनुवाद न केवल मैथिली, भोजपुरी, संस्कृत, मराठी और पंजाबी जैसी भारतीय भाषाओं में किया हैं, बल्कि उन्होंने इसका अनुवाद दुनिया की सबसे कठिन मानी जाने वाली भाषाओं तक में किया है, जैसे की कोरियाई, जापानी, स्पेनिश, पुर्तगाली, ग्रीक और लैटिन। आराध्या ने पिछले साल छठ महापर्व के दौरान हनुमान चालीसा का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करना शुरू किया था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आराध्या की इस उपलब्धि के लिए उनकी सराहना की है। इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्स पर ऑफिस ऑफ मिस्टर अनुराग ठाकुर के हैंडल से एक पोस्ट साझा की गई है। जिसमें अनुराग ठाकुर और आराध्य की फोटो है, साथ ही लिखा है, 'बिहार की 9वीं कक्षा की छात्रा सुश्री आराध्या सिंह जी ने तकनीकी का सदुपयोग करते हुए हनुमान चालीसा का 234 विभिन्न भाषाओं में अनुवाद कर ना सिर्फ अभिनंदनीय कार्य किया, बल्कि युवाओं को इनोवेशन के क्षेत्र में मॉर्डन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर खुद की नई पहचान गढ़ने के लिए प्रेरित किया।'
आराध्या मूल रूप से मोतिहारी शहर के बलुआ चित्रमंदिर परिसर क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनके पिता मनोज सिंह पेशे से एक व्यवसायी हैं और उनकी मां रानी देवी एक टीचर हैं। चार बहनों में सबसे छोटी आराध्या की बचपन से ही धर्म और आध्यात्मिकता में गहरी रुचि रही है। उनके इस प्रयास में पूरे परिवार ने उनका भरपूर सहयोग किया।
Updated on:
29 Mar 2026 11:55 am
Published on:
29 Mar 2026 11:55 am
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