
(पटना): जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव करीब आते जा रहे है सभी राजनीतिक दल कमर कस रहे है। सभी की यही मंशा है कि आने वाले चुनाव में हमारी पार्टी को बहुमत मिले और हम सत्ता में आ सके। इसके लिए राजनीतिक समीकरण बनाएं जा रहे हैं। इनके तहत कांग्रेस की ओर से पदाधिकारियों की फेर बदल भी की जा रही है। ऐसा ही एक समीकरण कांग्रेस ने बिहार में भी अपनाया है। कांग्रेस ऐसा करके बहुत से हित साधने में लगी है। आगामी लोकसभा चुनाव की जंग में बेहतर प्रदर्शन के लिए बिहार कांग्रेस को गुजराती नेताओं पर अधिक भरोसा करना पड़ रहा है। विधायक अल्पेश ठाकोर को बिहार कांग्रेस का सहप्रभारी नियुक्त किया गया है। अल्पेश ओबीसी केटेगरी से हैं और पहली बार विधायक बने हैं। प्रदेश प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल सामान्य केटेगरी से आते हैं पर वह भी गुजरात के हैं।
अल्पेश ठाकोर को सहप्रभारी बनाकर कांग्रेस ओबीसी वोटों को साधने में लगी है। इस वोट बैंक पर सभी दलों की नज़र टिकी है। यह कुल वोटों का 46 फीसदी है। जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार, आरजेडी के लालू यादव और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय भी इसी वर्ग से आते हैं। कांग्रेस पहले ही राज्यसभा में अखिलेश सिंह और विधान परिषद में प्रेमचंद मिश्र को भेजकर सवर्णों को आकर्षित करने के संदेश दे चुकी है।
अल्पेश ठाकोर को जिम्मेदारी देने के अलावा अन्य नेताओं को भी संगठन का दारमदार बनाया गया हैं । विधायक शकील अहमद खान को जम्मू कश्मीर,राजेश धमानी को उत्तराखंड, बीपी सिंह को पश्चिम बंगाल, मोहम्मद जावेद को पश्चिम बंगाल, सरत राउत को पश्चिम बंगाल, चल्ला वमशी चंद रेड्डी को महाराष्ट्र और बीएम संदीप को महाराष्ट्र कांग्रेस का सचिव नियुक्त किया गया है ।
Published on:
24 Aug 2018 05:03 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
पटना
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
