21 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

epaper_icon

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

बांकीपुर उपचुनाव में ED की एंट्री! प्रशांत किशोर के डिजिटल कैंपेन पर BJP का वार, चुनाव आयोग पहुंचा मामला

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अब सोशल मीडिया प्रचार को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी ने जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर पर चुनावी खर्च सीमा के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
2 min read
Google source verification
Prashant Kishor jan suraaj

प्रशांत किशोर(फोटो-ANI)

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच की मांग को लेकर सियासी विवाद गहरा गया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बीजेपी का आरोप है कि प्रशांत किशोर चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया पर निर्धारित चुनावी खर्च सीमा का उल्लंघन करते हुए करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं। पार्टी ने पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, मंत्री मिथिलेश तिवारी, विधायक जीवेश मिश्रा, जनक राम समेत अन्य नेता शामिल थे।

चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद बीजेपी नेताओं शाहनवाज हुसैन, मिथिलेश तिवारी और जीवेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया पर निर्धारित सीमा से अधिक खर्च कर रहे हैं। उनका यह भी दावा है कि प्रचार के लिए कथित फर्जी सोशल मीडिया नेटवर्क, बॉट अकाउंट और इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, बीजेपी के इन आरोपों पर प्रशांत किशोर की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फर्जी कंपनियों के जरिए चल रहा खेल

बीजेपी ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर के सोशल मीडिया चुनाव प्रचार का संचालन Simple Sense Analytics Private Limited और News Lighthouse नाम की कंपनियों के माध्यम से किया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि इन कंपनियों का पंजीकृत पता नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित एक परिसर में है, जहां प्रशांत किशोर की पत्नी रहती हैं। बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि इसी पते पर Vedhas Ventures Private Limited का भी पंजीकरण दर्ज है और इन कंपनियों के जरिए चुनाव प्रचार पर बड़े पैमाने पर धन खर्च किया जा रहा है।

हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में अब तक किसी जांच एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट या निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। साथ ही, इन आरोपों पर प्रशांत किशोर या उनकी टीम की ओर से भी तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।