बंगाल दो हिस्सों में बँटा हुआ है। एक ओर ब्राह्मण, कायस्थ, वैद्य जैसी उच्च जातियों का, और दूसरी ओर दलित‑आदिवासी समुदाय। ब्राह्मण, कायस्थ, वैद्य को बंगाल में ‘भद्रलोक’ कहा जाता है। नितिन नबीन की नई जिम्मेदारी पर ‘भद्रलोक’ में चर्चा शुरू हो गई है, विशेषकर कायस्थ समुदाय की चुनावी भूमिका को लेकर।