यह पूछने पर कि एक आम कार्यकर्ता से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफ़र आप कैसे देखते हैं, उन्होंने कहा कि यह कार्यकर्ताओं के परिश्रम का फल है। उन्होंने कहा कि जब आप कार्यकर्ता के रूप में काम करते हैं तो पार्टी के वरिष्ठ नेता आपको नोटिस लेते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसे लेकर आगे काम करूँगा। क्या आपको इसकी उम्मीद थी?” उन्होंने जवाब दिया, “नहीं, ऐसी कोई जानकारी मुझे नहीं थी। एक कार्यक्रम के दौरान ही मुझे अरुण सिंह जी के फोन से पहली जानकारी मिली। इसके कुछ ही देर बाद लोगों की बधाइयाँ मिलने लगीं।”