
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? (फोटो सोर्स - भरत भूषण तिवारी/फेसबुक)
Bharat Tiwari Encounter : भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर बुधवार को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में प्रस्तावित महापंचायत में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग उत्तर प्रदेश और बिहार समेत विभिन्न राज्यों से पहुंचने लगे हैं। महापंचायत को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, महापंचायत में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के भी शामिल होने की संभावना है। आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम में बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना समेत कई राज्यों से लोग भाग लेंगे। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और पुलिस तथा आम लोगों के बीच किसी प्रकार का टकराव न हो, इसके लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भी मौके पर तैनाती की गई है।
बिलौटी गांव स्थित प्राचीन कुंडवा शिव मंदिर परिसर में बुधवार को दोपहर 12 बजे महापंचायत आयोजित की जाएगी। महापंचायत में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके साथ ही इस मुद्दे पर आगे चलाए जाने वाले आंदोलन की रणनीति और रूपरेखा पर भी चर्चा की जाएगी।
महापंचायत को लेकर बिलौटी गांव और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक तथा सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आयोजक 36 बिरादरियों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है और अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, युवाओं और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों को भी महापंचायत में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। आयोजकों का कहना है कि यह केवल भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने का मुद्दा नहीं है, बल्कि कानून के राज, निष्पक्ष जांच और सामाजिक एकजुटता के पक्ष में एक व्यापक जनआवाज को मजबूत करने का प्रयास है।
महापंचायत से एक दिन पहले पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मंगलवार को, घटना के पांच दिन बाद, परिजनों के आवेदन के आधार पर एनकाउंटर में शामिल पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने 18 जून को भोजपुर के एसपी को आवेदन देकर मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
एसपी को दिए गए आवेदन में भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने आरोप लगाया है कि 17 जून की सुबह करीब 8 बजे शाहपुर थाना अध्यक्ष अन्य पुलिसकर्मियों के साथ, जगदीशपुर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक टीम उनके घर पहुंची। टीम ने भरत तिवारी को यह कहकर साथ चलने को कहा कि जवइनियां गांव में बाढ़ से विस्थापित की क्या समस्या है? चलो बता दो।
आवेदन के अनुसार, भरत भूषण तिवारी पुलिस के कहने पर जवइनियां गांव गया था। वहां उसने फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी मांगें रखीं और इसके बाद हथियार जमीन पर फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया। आशा देवी का आरोप है कि सरेंडर करने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे को घेरकर फर्जी एनकाउंटर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जगदीशपुर एसडीपीओ के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने भरत को पांच गोलियां मारीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई। शाम में परिजनों को सूचना दी गई कि भरत की मौत हो गई है।
आवेदन में आशा देवी ने जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना प्रभारी तथा एनकाउंटर में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे उनके बेटे को न्याय मिल सकेगा। आशा देवी ने आरोप लगाया है कि घटना से पहले पुलिस ने उनके पति और भरत के पिता काशीनाथ तिवारी को हिरासत में लेकर शाहपुर थाने में बंद कर दिया था।
Updated on:
24 Jun 2026 08:47 am
Published on:
24 Jun 2026 08:45 am
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