
भरत तिवारी और केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी
भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एनकाउंटर पर सवाल उठाने वालों को निशाने पर लिया है। मांझी ने कहा कि भरत तिवारी का महिमामंडन करने की कोशिश की जा रही है, जबकि वह कोई क्रांतिकारी नहीं था।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि जब किसी दलित का एनकाउंटर होता है तो उसे ‘नक्सली’ कह दिया जाता है और जब किसी मुसलमान का एनकाउंटर होता है तो उसे ‘आतंकवादी’ बता दिया जाता है। मांझी ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे लोग ही आज भरत तिवारी के एनकाउंटर पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
जीतन राम मांझी ने इस मामले में कई सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहां से आई? उन्होंने कहा कि किन लोगों के संरक्षण में एक आपराधिक घटना पर राजनीति की जा रही है। मांझी ने दो टूक कहा कि देश संविधान से चलेगा या फिर अवैध पिस्टल की नोक पर, यह तय होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था और कुछ लोग जातीय मानसिकता के आधार पर उसका समर्थन कर रहे हैं। मांझी ने यह भी दावा किया कि भरत तिवारी की पहले भी आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि इस दोहरे रवैये पर भी चर्चा होनी चाहिए और यह समझना होगा कि आखिर कुछ लोग इस मामले को लेकर इतना शोर-शराबा क्यों मचा रहे हैं।
Updated on:
23 Jun 2026 09:31 pm
Published on:
23 Jun 2026 08:08 pm
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