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95.2 प्रतिशत से सीधे परफेक्ट स्कोर, री-इवैल्यूएशन के बाद रांची की अवनी केजरीवाल बनीं CBSE नेशनल टॉपर

Avni Kejriwal CBSE re-evaluation: सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के पुनर्मूल्यांकन के बाद रांची की छात्रा अवनी केजरीवाल ने इतिहास रच दिया है। पहले 95.2% अंक पाने वाली अवनी के अंक 24 बढ़े और अब वो सभी पांच विषयों में 100-100 अंक हासिल कर 500/500 के साथ कॉमर्स स्ट्रीम की नेशनल टॉपर बन गईं हैं।
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पटना

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Anand Shekhar

Jun 23, 2026

Avni Kejriwal CBSE re-evaluation

अवनी केजरिवाल (फोटो- ANI)

Avni Kejriwal CBSE re-evaluation: CBSE क्लास 12 के री-इवैल्यूएशन की वजह से हुए उलटफेर ने सबका ध्यान खींचा है। झारखंड की राजधानी रांची के दिल्ली पब्लिक स्कूल धुर्वा (SAIL टाउनशिप) की कॉमर्स स्टूडेंट अवनी केजरीवाल को परीक्षा में 95.2% मार्क्स हासिल किए थे। लेकिन री-इवैल्यूएशन के बाद उनके स्कोर में 24 मार्क्स का बड़ा उछाल आया। अवनी ने अब 500 में से 500 (100%) का परफेक्ट स्कोर हासिल किया है और ऑल इंडिया नेशनल टॉपर बन गई हैं।

इंग्लिश में कटे थे 19 मार्क्स

जब 13 मई को CBSE क्लास 12 के नतीजे घोषित हुए तो अवनी ने कुल मिलाकर 95.2% (476 मार्क्स) हासिल किए थे। किसी भी आम स्टूडेंट के लिए यह एक सपनों जैसा नतीजा होता और उनका परिवार भी इस स्कोर से खुश था। लेकिन अवनी को अपनी तैयारी पर भरोसा था। उन्होंने अकाउंटेंसी, इकोनॉमिक्स और एप्लाइड मैथमेटिक्स में पहले ही परफेक्ट स्कोर (100 में से 100) हासिल कर लिए थे, लेकिन उनके सबसे पसंदीदा और मजबूत विषय इंग्लिश में उन्हें सिर्फ 81 मार्क्स मिले थे, जबकि बिजनेस स्टडीज में 95 मार्क्स मिले थे।

अवनी ने कहा, "नतीजे आने पर मैं हैरान रह गई। इंग्लिश हमेशा से मेरा सबसे मजबूत विषय रहा है। मैं 81 मार्क्स का स्कोर स्वीकार नहीं कर सकती थी। जब मैंने बिजनेस स्टडीज के अपने जवाबों की तुलना CBSE की मॉडल आंसर की से की, तो मुझे लगा कि मार्क्स बिना किसी वजह के काटे गए हैं। जहां दूसरे लोग खुश थे, वहीं मैं निराश थी। मैंने अपनी आंसर शीट का री-इवैल्यूएशन करवाने का फैसला किया। अब री-इवैल्यूएशन के बाद इंग्लिश में मेरे मार्क्स 19 और बिजनेस स्टडीज में 5 बढ़ गए हैं। मैंने 500 में से 500 मार्क्स हासिल किए हैं और हम सब बहुत खुश हैं।"

सही समय पर रिजल्ट आता तो सिंगापुर जाती

अवनि केजरीवाल ने कहा, "CBSE को छात्रों के करियर पर सीधे लागू करने से पहले नए सिस्टम का अच्छी तरह से ट्रायल रन करना चाहिए था। 12वीं क्लास के नतीजे हमारे भविष्य से जुड़े होते हैं। अगर मुझे ये 100% नंबर पहले मिल गए होते, तो मैं सिंगापुर के एक बहुत प्रतिष्ठित इंटरनेशनल कॉलेज में एडमिशन ले सकती थी, लेकिन अब उसके लिए समय सीमा निकल चुकी है।"

एंटरप्रेन्योर बनने का है सपना

रांची के जाने-माने बिजनेसमैन मितेश केजरीवाल और होम मेकर पूनम केजरीवाल की बेटी अवनी पारंपरिक नौकरी करने के बजाय एक सफल एंटरप्रेन्योर बनना चाहती हैं। CUET-UG परीक्षा देने के बाद उनका लक्ष्य दिल्ली या बेंगलुरु के किसी टॉप इंस्टिट्यूट से बिज़नेस मैनेजमेंट की पढ़ाई करना और अपने पिता के बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।