
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
बिहार सरकार ने राज्य में हरित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 को मंजूरी प्रदान की गई। नई नीति के तहत महिलाओं को इलेक्ट्रिक कार की खरीद पर 1 लाख रुपये तक का अनुदान देने का भी निर्णय लिया गया है। इस नीति के लागू होने से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा। इससे न केवल प्रदूषण नियंत्रण में सहायता मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने से बिहार में वर्ष 2030 तक प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ लीटर पेट्रोल और डीजल की बचत होगी। इससे राज्य की आर्थिक बचत बढ़ेगी और आम लोगों का परिवहन खर्च भी कम होगा। साथ ही, वायुमंडल में लाखों टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से वायु गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है।
परिवहन सचिव राज कुमार ने बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि नई नीति के तहत महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर विशेष अनुदान दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन खरीदने पर महिलाओं को प्रति वाहन 1 लाख रुपये की सरकारी सब्सिडी प्रदान की जाएगी। वहीं, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह लाभ वर्ष 2026-27 के लिए लागू रहेगा।परिवहन सचिव ने आगे कहा कि सरकार का यह निर्णय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार ने अब केवल चार पहिया ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की खरीद पर भी अनुदान देने का निर्णय लिया है। इसके तहत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की खरीद पर प्रति वाहन 10 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 12 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार, इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहन की खरीद पर सामान्य वर्ग को 50 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 60 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
राज्य सरकार ने बिहार में मुख्यमंत्री पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ावा देने की रणनीति तैयार की है। इस योजना के तहत युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे तथा परिवहन क्षेत्र में आधुनिक और कम लागत वाली सेवाओं का विस्तार होगा।
नई नीति के तहत सरकार सभी इलेक्ट्रिक वाहनों के बिहार में खरीद एवं रजिस्ट्रेन टैक्स पर 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान करेगी। इसके साथ ही पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर भारत सरकार की नीति के अनुरूप अतिरिक्त प्रोत्साहन का लाभ भी दिया जाएगा। इससे आम लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार सार्वजनिक और निजी चार्जिंग स्टेशनों के विकास को प्रोत्साहित करेगी। इसके तहत बहुमंजिला भवनों, शॉपिंग मॉल, होटल, मोटल एवं पेट्रोल पंपों में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
चार्जिंग स्टेशन की स्थापना पर सरकार द्वारा विशेष अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के लागू होने से राज्य में वायु एवं ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी तथा ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलेगी। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक नए वाहनों में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
Updated on:
13 May 2026 06:09 pm
Published on:
13 May 2026 06:09 pm
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