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बिहार में अब हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे, ईंधन बचाने के लिए सीएम सम्राट चौधरी की अपील; मंत्रियों ने शुरू की कार पूलिंग

Fuel Conservation In Bihar: प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के भीतर ईंधन बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है और लोगों से 'नो व्हीकल डे' व 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे सुझावों पर अमल करने को कहा है।

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पटना

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Anand Shekhar

May 13, 2026

Bihar CM samrat-choudhary

बिहार के सीएम सम्राट चौधरी (फोटो - X @samrat4bjp)

Fuel Conservation In Bihar: ईंधन बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब बिहार में भी दिखने लगा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के नागरिकों और सरकारी तंत्र से डीजल और पेट्रोल की खपत कम करने का आग्रह किया है। इसकी शुरुआत उन्होंने स्वयं अपने काफिले से की है, जिसे अब न्यूनतम कर दिया गया है। मुख्यमंत्री की इस पहल का असर प्रशासनिक गलियारों में भी दिखने लगा है। सचिवालय पहुंचने के लिए मंत्रियों ने भी कार पूलिंग शुरू कर दी है।

'नो व्हीकल डे' और 'वर्क फ्रॉम होम' पर जोर

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए नए दिशा-निर्देश साझा किए हैं। उन्होंने आग्रह किया है कि हफ्ते में कम से कम एक दिन को नो व्हीकल डे के रूप में मनाया जाए, जिस दिन लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल करने से बचें और इसके बजाय पैदल चलने या साइकिल चलाने को प्राथमिकता दें। इसके अलावा, उन्होंने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी है, ताकि सड़कों पर वाहनों की भीड़ कम हो सके और ईंधन बचाने में मदद मिल सके।

मंत्रियों ने की कारपूलिंग की शुरुआत

मुख्यमंत्री के निर्देश का सबसे बड़ा असर बुधवार को पटना सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान देखने को मिला। राज्य के इतिहास में शायद पहली बार, मंत्री अपने सामान्य भव्य एस्कॉर्ट और सुरक्षा काफिले के बिना बैठक में पहुंचे। मंत्री अशोक चौधरी, जमा खान और मदन सहनी अपनी-अपनी अलग-अलग लग्जरी कारों के बजाय, एक ही गाड़ी में एक साथ बैठकर सचिवालय पहुंचे। अन्य मंत्रियों ने भी अपने काफिले का आकार घटाकर सिर्फ एक या दो वाहन कर दिया है।

बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का निर्देश

प्रशासनिक खर्चों पर लगाम लगाने और ईंधन की बर्बादी रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, अब से जब भी संभव हो सभी कॉन्फ्रेंस और बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से ही की जाएंगी। इस कदम से समय और ईंधन की बचत होगी, जो अधिकारियों की यात्रा पर खर्च हो जाते है। इसके अलावा सरकारी कैंटीनों में पाम ऑयल के उपयोग को कम करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का उपयोग करने के बजाय सार्वजनिक परिवहन, जैसे मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसें, ऑटो-रिक्शा और अन्य विकल्पों को प्राथमिकता दें। सरकार का मानना ​​है कि यदि आम नागरिक अपनी दैनिक दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करते हैं, तो इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई अपील के बाद लिया गया है। अपनी अपील में उन्होंने देश के नागरिकों से डीजल और पेट्रोल की बचत करने तथा अनावश्यक यात्राओं में कटौती करने का आग्रह किया था। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण, कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने का खतरा मंडरा रहा है। इस संकट का समय रहते अनुमान लगाते हुए, बिहार सरकार ने न केवल एक अपील जारी की है, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर इन उपायों को लागू करना भी शुरू कर दिया है।