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बिहार: SC-ST एक्ट के दुरुपयोग पर भड़के मंत्री अशोक चौधरी, दरभंगा में 70 ब्राह्मणों पर केस को बताया गंभीर मामला

बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने दरभंगा के ब्राह्मण समुदाय के 70 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त चेतावनी दी।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 7 Feb 2026, 4:54 PM IST

Ashok Choudhary

बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी फोटो-Dr. Ashok Choudhary FB

बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री और JD(U) के वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के दुरुपयोग के खिलाफ चेतावनी दी।वह दरभंगा पुलिस द्वारा एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति द्वारा शारीरिक हमले के आरोप के बाद ब्राह्मण समुदाय के 70 लोगों के खिलाफ इस अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। पुलिस ने 70 लोगों में से 12 को गिरफ्तार कर लिया है।

कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए

चौधरी, जो खुद भी SC समुदाय से हैं, ने कहा, “SC/ST एक्ट का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। चाहे वह SC/ST एक्ट हो या दहेज एक्ट, इनका अक्सर दुरुपयोग होता है। ये एक्ट दलितों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे। अगर SC/ST एक्ट का दुरुपयोग होता है, तो दलितों की सहानुभूति खत्म हो जाएगी, और सामाजिक भाईचारा प्रभावित होगा।” यह मामला कुशेश्वर स्थान पुलिस स्टेशन के तहत हरिनगर गांव की एक घटना से संबंधित है।

क्यों दर्ज किया एफआईआर?

दोनों पक्षों द्वारा दर्ज शिकायतों के अनुसार, कैलाश पासवान और तीन अन्य लोगों ने कथित तौर पर 30 जनवरी को बकाया मजदूरी को लेकर हुए झगड़े के दौरान हेमकांत झा और श्रीनाथ झा पर शारीरिक हमला किया। कैलाश, जो एक राजमिस्त्री का काम करता है, 2015 में केरल में हेमकांत की बहन के घर के निर्माण में लगा हुआ था, और लगभग 2.47 लाख रुपये के बकाया का भुगतान करने की मांग कर रहा है।

क्या है मामला

29 जनवरी को, जब हेमकांत झा की बहन और जीजा हरिनगर आए थे, तो कैलाश पासवान ने कथित तौर पर उनकी कार रोककर अपने बकाया पैसे की मांग की। हालांकि, श्रीनाथ झा ने कथित तौर पर हस्तक्षेप किया और हेमकांत की बहन और जीजा को गांव से सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की। अगले दिन, कैलाश ने कथित तौर पर श्रीनाथ पर हमला किया। हेमकांत, जिसे भी कथित तौर पर कैलाश और अन्य लोगों ने पीटा था, ने शिकायत दर्ज कराई। चूंकि चोटों की प्रकृति गंभीर नहीं थी, इसलिए मामला BNS की जमानती धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।

ब्राह्मण बस्तियों के 150 पर एफआईआर दर्ज

31 जनवरी को, ब्राह्मण बस्तियों के 150 से अधिक लोगों ने कथित तौर पर कैलाश पासवान और उसके भाइयों के घर पर हमला किया, और एक दर्जन से अधिक लोगों को लाठी-डंडों से घायल कर दिया। उनमें से नौ लोगों को दरभंगा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। उसी दिन, कुशेश्वर स्थान पुलिस ने इस मामले में SC/ST एक्ट और BNS के प्रावधानों के तहत 70 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। हेमकांत झा उन 70 आरोपियों में से एक हैं।

पूरे गांव के खिलाफ मामला दर्ज नहीं

बिरौल सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) प्रभाकर तिवारी का कहना है कि “हरिनगर गांव में 2,500 से ज़्यादा ब्राह्मण और मुश्किल से 60-70 पासवान हैं। हमने पूरे गांव के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है। हमने शुरुआती जांच के आधार पर मामला दर्ज किया है, और इसे जाति का रंग नहीं देना चाहिए।”