
नीतीश कुमार, निशांत कुमार (फोटो- Bihari Man एक्स पोस्ट)
Bihar Politics नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अगले महीने पश्चिम चंपारण से पूरे बिहार की यात्रा शुरू करने वाले हैं। पार्टी स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है, लेकिन उन्होंने फिलहाल पार्टी के भीतर कोई भी अहम पद लेने से इंकार कर दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस मुद्दे पर बाद में फैसला करने का निर्णय लिया है।
दरअसल, निशांत कुमार की सक्रिय राजनीतिक एंट्री नीतीश कुमार के राज्य सभा जाने और बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से ठीक पहले मानी जाती है। उन्हें लंबे समय से JD(U) से जुड़ा चेहरा माना जाता रहा है, हालांकि अब तक उन्होंने पार्टी में कोई अहम पद नहीं संभाला है।
बुधवार को JD(U) ने राज्य सभा सांसद संजय कुमार झा को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा। वहीं, जहानाबाद के पूर्व सांसद और EBC नेता चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर पदोन्नत किया गया, जिससे वे पार्टी के पदानुक्रम में नीतीश कुमार और संजय कुमार झा के बाद तीसरे स्थान पर आ गए। इसके अलावा, पूर्व IAS अधिकारी मनीष वर्मा को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बनाए रखा गया।
नीतीश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद JD(U) सरकार और पार्टी संगठन के भीतर संतुलन साधने की कोशिश जारी है। दो वरिष्ठ नेताओं बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को विधायक दल की औपचारिक बैठक के बिना ही उपमुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद पार्टी ने नालंदा से आठ बार के विधायक श्रवण कुमार को विधानसभा में अपना नेता चुना। हालांकि, ऐसी अटकलें थीं कि निशांत कुमार उपमुख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उन्होंने आखिरी समय में इससे इनकार कर दिया।
JD(U) के एक सूत्र ने कहा, “निशांत कुमार खुद को तैयार कर रहे हैं और फिलहाल उन्होंने खुद को ‘प्रोबेशन’ पर रखा है। वे प्रस्तावित यात्रा के दौरान लोगों से मिलेंगे और सीधे कोई बड़ा पद संभालने के बजाय ज़मीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करेंगे। सही समय आने पर वे पार्टी में अहम जिम्मेदारी ले सकते हैं।”
वहीं, JD(U) के प्रवक्ता नीरज ने कहा, “निशांत कुमार हमारी आम सहमति से उभरे नेता हैं। वे सरकार में कोई पद लें या संगठन में भूमिका निभाएं, इससे ज्यादा अहम उनका सक्रिय रहना है। वे रोज़ पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं और नीतीश कुमार द्वारा शुरू की गई योजनाओं की प्रगति पर नजर रखने का संदेश दे रहे हैं। निशांत पूरे बिहार का दौरा करेंगे, ताकि वे जनता से जुड़ सकें और नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ा सकें।”
निशांत कुमार के पास अभी भी बिहार विधान परिषद का सदस्य बनने का मौका है, क्योंकि जल्द ही परिषद की दो-तिहाई सीटें खाली होने वाली हैं। JD(U) के एक अन्य नेता ने कहा, “कौन जानता है, वे राज्य के द्विसदनीय विधानमंडल में विधायक दल के नेता भी बन सकते हैं। आगे चलकर वे पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष पद तक भी पहुंच सकते हैं। यह वही पद है, जिसे कभी उपेंद्र कुशवाहा संभाल चुके हैं।”
सूत्रों के मुताबिक, असल रणनीति यह है कि नीतीश कुमार अभी निशांत को सीधे कोई बड़ा पद देकर सुर्खियों में नहीं लाना चाहते, बल्कि उन्हें धीरे-धीरे ज़मीनी स्तर पर स्थापित करना चाहते हैं।
Published on:
24 Apr 2026 07:49 am
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