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निशांत के जन्मदिन के बहाने उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश को दी नसीहत, कहा- JDU का नेतृत्व अब बदलने का समय

Bihar Politics उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत को उनके जन्‍मदिन पर बधाई दी है । इसके साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार को एक सलाह  दी है। कुशवाहा के इस सलाह के बाद बिहार में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 20 Jul 2025, 6:11 PM IST

उपेंद्र कुशवाहा (फोटो: IANS)

उपेंद्र कुशवाहा (फोटो: IANS)

Bihar Politics राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सीएम नीतीश कुमार के को सलाह दी है। उपेंद्र कुशवाहा ने सीएम नीतीश कुमार से कहा है कि नीतीश कुमार को अब सच्चाई स्वीकार करते हुए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की कमान छोड़ देना चाहिए। कुशवाहा ने कहा कि पार्टी का कोई नेता यह नहीं कह सकता है इसलिए मैं कह रहा हूं। उन्होंने आगे कहा कि अब देर की तो बड़ा नुकसान हो सकता है। उपेंद्र कुशवाहा की इस सलाह के बाद बिहार में सियासी हलचलें तेज हो गई है। नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री के साथ साथ जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जबकि संजय झा कार्यकारी अध्यक्ष हैं।

निशांत को दी बधाई

उपेंद्र कुशवाला ने यह सब कुछ एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि ‘सोशल मीडिया से जानकारी मिली है कि आज बड़े भाई आदरणीय नीतीश कुमार जी के सुपुत्र निशांत का जन्मदिन है। खुशी के इस अवसर पर जेडीयू की नई उम्मीद निशांत को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं। ईश्वर उसे हमेशा स्वस्थ एवं प्रसन्नचित्त रखें।

नीतीश कुमार से किया आग्रह

उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि इस अवसर पर आदरणीय नीतीश कुमार जी से अति विनम्र आग्रह है कि समय और परिस्थिति की नजाकत को समझते हुए इस सच को स्वीकार करने की कृपा करें कि अब सरकार और पार्टी दोनों का (साथ-साथ) संचालन स्वयं उनके लिए भी उचित नहीं है।’ कुशवाहा ने आगे कहा, ‘सरकार चलाने का उनका लंबा अनुभव है, जिसका लाभ राज्य को आगे भी मिलता रहे, यह फिलहाल राज्य के हित में अतिआवश्यक है।

पार्टी हित में ले लें यह फैसला

पार्टी की जवाबदेही के हस्तांतरण (जो इस वक्त मेरी ही नहीं, स्वयं उनकी पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं/नेताओं की राय में अब आ चुका है) के विषय पर समय रहते ठोस फैसला ले लें। यही उनके दल के हित में है और इसमें विलंब दल के लिए अपूर्णीय नुकसान का कारण बन सकता है। शायद ऐसा नुकसान जिसकी भरपाई कभी हो भी नहीं पाए।’ कुशवाहा ने नोट मार्क करते हुए लिखा, ‘मैं जो कुछ कह रहा हूं, जदयू के नेता शायद मुख्यमंत्री जी से कह नहीं पाएंगे और कुछ लोग कह भी सकते हों, तो वैसे लोग वहां तक पहुंच ही नहीं पाते होंगे।'