सूत्रों के अनुसार, हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा भेजे जाने के फैसले से जदयू सबसे ज्यादा नाराज है। पार्टी का कहना है कि यदि बीजेपी को उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजना ही था, तो इस पर जदयू से पहले विचार-विमर्श करना चाहिए था। हालांकि, जदयू का आरोप है कि बीजेपी ने बिना किसी चर्चा के सीधे उन्हें राज्यसभा भेज दिया। जदयू नेताओं का यह भी कहना है कि जो हरिवंश पार्टी की कई अहम बैठकों से अनुपस्थित रहे और जिन्हें जदयू ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी से भी बाहर कर दिया था, उन्हें राज्यसभा भेजकर बीजेपी क्या संदेश देना चाहती है। पार्टी के मुताबिक, इससे यह संकेत जाता है कि जिसे जदयू बाहर का रास्ता दिखाना चाह रही थी, उसी को बीजेपी ने राज्यसभा भेजकर मानो पुरस्कृत किया है।