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बांह कट गई, पर हिम्मत नहीं हारी… बंधुआ मजदूर बने बिहार के युवक की दास्तां, 150 किमी चलकर बचाई अपनी जान

अनिल ने भी अपनी गलती स्वीकार कर ली। उसने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि लड़के को गैरकानूनी तरीके से रखा था, और कहा कि गलती की है।

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AI जनरेटेड फोटो

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बिहार के किशनगंज का रहने वाला नाबालिग लड़के से नौकरी और 10,000 रुपये महीने की सैलरी का लालच देकर जबरन काम काम करवाने का मामला सामने आया है। मशीन से चारा काटते समय जख्मी होने पर लड़का फार्म से अपनी कटी हुई बांह पकड़े हुए 150 किमी पैदल चलकर नूंह पहुंचा। जहां एक टीचर ने उसे बचाया और पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने तीन राज्यों के सौ से ज़्यादा गांवों में चार महीने तक गहन जांच और टेक्निकल सर्विलांस,जिसमें स्थानीय लोगों से मिले इनपुट एकत्रित कर बहादुरगढ़ सरकारी रेलवे पुलिस ने हरियाणा में बच्चे से बंधुआ मज़दूरी करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी पर हरियाणा में एक बच्चे से बंधुआ मज़दूरी करवाने का आरोप है।

बंधुआ मजदूर बने बिहार के युवक की दास्तां

यह लड़का पिछले साल अप्रैल में कुछ दोस्तों के साथ नौकरी की तलाश में बिहार से हरियाणा के बहादुरगढ़ आया था। पुलिस के अनुसार नौकरी नहीं मिलने पर जून तक उसके दोस्त ट्रेन से घर लौटने लगे थे, लेकिन लड़के के पास टिकट खरीदने के पैसे नहीं थे। इसकी वजह से वह हरियाणा में ही रूक गया और नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी क्रम में कथित आरोपी ने उसे नौकरी और 10 हजार रूपया महीने की सैलरी देने का लालच देकर अपने साथ ले गया। लेकिन, वह उसे अपने साथ ले जाने के बाद उससे जमकर मजदूरी करवाता था। बदले में वो बच्चे को मजदूरी भी नहीं दिया करता था।

तीन राज्यों में हुई जांच

पुलिस के अनुसार जांच के दौरान लड़के को तीन राज्यों में ले जाया गया। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 10 पर भी पुलिस उसको लेकर गई। लेकिन, लड़के को कुछ भी स्पष्ट जानकारी नहीं रहने की वजह से पुलिस उसे लेकर कई जगहों पर घुमी। लेकिन, पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल रही थी। दिसंबर के पहले हफ़्ते में पुलिस को पहली सफलता उत्तरी दिल्ली में ISBT के पास यमुना नदी के पास मिली। लड़के ने पुलिस को बताया कि नदी का किनारा उसे जाना-पहचाना लगा। पूछताछ के दौरान, उसने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी की एक स्कूल जाने वाली बेटी है और उसका नाम भी बताया। अधिकारियों ने दिल्ली-NCR में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, जहां नदी बहती है, ताकि उसी नाम की लड़की का पता लगाया जा सके।

ऐसे खुला राज

लेकिन पुलिस का यह प्रयास भी नाकाम रहा, लेकिन हमने हार नहीं मानी। यमुना के किनारे कई गांव वालों और गांव के मुखियाओं से बात करते रहे। पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए ग्रेटर नोएडा के मोतीपुर गांव पहुंची। आखिरकार पुलिस को यहां पर आरोपी अनिल मिला। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अनिल ने भी अपनी गलती स्वीकार कर ली। उसने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि लड़के को गैरकानूनी तरीके से रखा था, और कहा कि गलती की है। अनिल ने पुलिस के सामने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि खेत में मशीन से काम करते हुए हाथ का जो हिस्सा कटा हुआ हिस्सा था उसे यमुना में फेंक दिया था।