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बिहार टू बैंकॉक अब डायरेक्ट फ्लाइट, हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए सम्राट कैबिनेट ने दी मंजूरी

Bihar to Bangkok flight: सम्राट चौधरी कैबिनेट ने बुधवार को 13 प्रस्ताव पास किए, जिसमें सिविल एविएशन डिपार्टमेंट का एक बड़ा प्रस्ताव भी शामिल है। जिसके तहत इंटरनेशनल टूरिज़्म और एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए गया-बैंकॉक रूट पर नॉन-स्टॉप एयर सर्विस शुरू की जाएगी।

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पटना

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Anand Shekhar

May 20, 2026

Indigo Flight

इंडिगो विमान (फाइल फोटो)

Bihar to Bangkok flight: बिहार में इंटरनेशनल टूरिज्म को बढ़ावा देने और ग्लोबल एयर कनेक्टिविटी को बेहतर करने के मकसद से सम्राट चौधरी सरकार ने गया जी से थाईलैंड के लिए डायरेक्ट फ्लाइट सर्विस शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बुधवार 20 मई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इंडिगो एयरलाइंस के गया-बैंकॉक रूट पर नॉन-स्टॉप एयर सर्विस देने के प्रस्ताव को एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल मंजूरी सहित कुल 13 प्रस्ताव पारित किए गए।

एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए इंडिगो का चुनाव

नए इंटरनेशनल रूट्स पर एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की बिहार सरकार की पॉलिसी के मुताबिक इंटरनेशनल डेस्टिनेशन्स के लिए डायरेक्ट फ्लाइट सर्विस शुरू करने के लिए टेंडर मंगाए गए थे। सिविल एविएशन डिपार्टमेंट के इस टेंडर के जवाब में सिर्फ मेसर्स इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो) ने बीड जमा की थी। इसलिए, बिहार फाइनेंस (अमेंडमेंट) रूल्स 2024 के नियमों के मुताबिक इंडिगो एयरलाइंस को इस इंटरनेशनल रूट के लिए नॉमिनेशन बेसिस पर चुना गया। इस रूट पर फ्लाइट्स का ऑपरेशन पक्का करने और एयरलाइन को फाइनेंशियल स्टेबिलिटी देने के लिए कैबिनेट ने 12 महीने के लिए 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' (VGF) के तौर पर 10.40 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।

धार्मिक टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

बिहार का गया और बोधगया बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र और अहम ग्लोबल सेंटर्स में से एक है। यहां हर साल थाईलैंड, म्यांमार, भूटान और श्रीलंका जैसे देशों से लाखों बौद्ध तीर्थयात्री, साधु और विदेशी टूरिस्ट महाबोधि मंदिर में पूजा करने और गया में खास धार्मिक रस्मों में हिस्सा लेने के लिए आते हैं। अब तक बैंकॉक से आने वाले टूरिस्ट को कोलकाता या दिल्ली होकर जाना पड़ता था। जिसमें उनका समय और पैसा दोनों ही बहुत बर्बाद होता था।

लेकिन अब गया और बैंकॉक के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने से, थाईलैंड और दूसरे साउथ-ईस्ट एशियाई देशों से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सफर काफी आसान, सस्ता और कम समय लेने वाला हो जाएगा। इससे बिहार के टूरिज्म रेवेन्यू में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, बिहार के जो लोग बिजनेस, पढ़ाई या टूरिज्म के मकसद से थाईलैंड और बैंकॉक जाना चाहते हैं, उन्हें अब पटना या गया से दिल्ली या कोलकाता का एक्स्ट्रा सफर नहीं करना पड़ेगा। वे अब गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे फ्लाइट लेकर कुछ ही घंटों में बैंकॉक पहुंच सकते हैं।

बिहार कैबिनेट के अन्य 12 फैसले

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस मंत्रिपरिषद की बैठक में केवल विमानन क्षेत्र ही नहीं, बल्कि युवाओं, खेल और सुरक्षा को लेकर भी बड़े फैसले लिए गए हैं।

  • नालंदा जिले के बेन ब्लॉक (अरवां) में मौजूद मेसर्स पटेल वेयरहाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड को बिहार इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन रूल्स 2016 के तहत फाइनेंशियल इंसेंटिव के लिए मंज़ूरी दी गई।
  • कैमूर जिला के कुदरा में मौजूद मेसर्स ESE एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को भी इन्वेस्टमेंट प्रमोशन रेगुलेशंस के तहत फाइनेंशियल इंसेंटिव के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव मंज़ूरी दी गई।
  • बिहार के तकनीकी संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाओं के लिए यंग प्रोफेशनल नीति-2026 के चयन संबंधी प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।
  • बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (पटना) और उसके नीचे के ऑफिस में 87 मौजूदा पोस्ट खत्म करने के बाद, 53 नई और पोस्ट बनाने की मंज़ूरी दी गई।
  • राज्य के इंटरनेशनल और इंटर-स्टेट बॉर्डर पर सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए स्पेशल ब्रांच के तहत एक नई पोस्ट 'इंस्पेक्टर जनरल (IG) ऑफ पुलिस, बॉर्डर' बनाने की मंजूरी दी गई।
  • नक्सलवाद पर लगाम लगाने के लिए बिहार के DGP को विशेष अधिकार दिए गए, ताकि वे स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में सेवा देने के लिए 50 ऐसे बहादुर पुलिसकर्मियों की डेपुटेशन पर भर्ती कर सकें, जिनके पास विशेष विशेषज्ञता और पहले का अनुभव हो, इनकी सेवा की अधिकतम अवधि 15 वर्ष होगी।
  • औरंगाबाद जिले के देव अंचल में स्थित 13.09 एकड़ सरकारी जमीन को खेल विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंज़ूरी दी गई, ताकि वहां एक खेल परिसर का निर्माण किया जा सके।
  • अरवल जिले के करपी अंचल में स्थित 06.81 एकड़ जमीन को खेल विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित कर दिया गया, ताकि वहां एक खेल परिसर भवन का निर्माण किया जा सके।
  • सहरसा जिले के सहरखुवा अंचल में स्थित 06.61 एकड़ सरकारी जमीन को खेल विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई, ताकि मुख्यमंत्री विकास योजना के तहत वहां एक आउटडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा सके।
  • गया जिले के डोभी प्रखंड में स्थित IMC (औद्योगिक-सह-लॉजिस्टिक्स हब) के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के मकसद से विभिन्न कार्यों के लिए 428.083 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट हेतु प्रशासनिक और व्यय स्वीकृति प्रदान की गई।
  • 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत, बिहार आकस्मिकता निधि 7,47,97,64,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसका उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान मद के तहत भारत सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि को जारी करने की प्रक्रिया को सुगम बनाना था।
  • राज्य के भीतर बेहतर वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने और पंचायती राज संस्थाओं/शहरी स्थानीय निकायों के साथ वित्तीय समन्वय को और बेहतर बनाने के लिए, छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों की अवधि को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बढ़ाने की मंज़ूरी दी गई।