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Bihar Weather: बिहार में इस समय ठंड का असर उतना तेज नहीं दिख रहा है, लेकिन आने वाले समय में कम तापमान और सुबह-सुबह कोहरे की मार बढ़ सकती है। अगले 48 घंटों के भीतर रात के तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट संभव है। हालांकि कड़ाके की ठंड के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि या तो बारिश होनी चाहिए या फिर कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होना चाहिए, तभी ठंड का असर तेज होगा।
इस समय बिहार में हल्की ठंड महसूस होने की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं को बिहार की ओर बढ़ने नहीं दे रहा है। यानी उत्तर भारत में जितनी सर्द हवाएं चल रही हैं, उनका सीधा असर बिहार तक नहीं पहुंच पा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस कम दबाव प्रणाली की वजह से बिहार में ठंडी हवाओं का प्रवाह कमजोर पड़ा है और कई इलाकों में पुरवैया हवा का रुख बना हुआ है। इसी वजह से रात के तापमान में उस तरह से तेजी से गिरावट नहीं आई जिसकी उम्मीद आमतौर पर नवंबर के आखिरी सप्ताह में रहती है। यही कारण है कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना कम दिख रही है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक ठंड में वास्तविक बढ़ोतरी के लिए पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना जरूरी है। जब यह विक्षोभ उत्तर भारत की ओर आगे बढ़ता है, तभी बिहार में तीखी ठंड, घना कोहरा और न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट देखने को मिलती है। फिलहाल यह सिस्टम कमजोर है और सक्रिय नहीं हुआ है। इसलिए ठंड आने में देर हो रही है। साथ ही, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का असर 27–28 नवंबर तक जारी रहेगा, जिससे हवा का रुख लगातार बदलता रहेगा। इस वजह से तापमान में बड़ी गिरावट दिसंबर के पहले हफ्ते से पहले आने की संभावना नहीं है। यानि बिहार में असली ठंड दिसंबर के पहले सप्ताह के बाद से ही दस्तक देने वाली है।
IMD की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि अगले दो दिनों में बिहार में रात का न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री तक नीचे जा सकता है। दिन का तापमान फिलहाल ज्यादा बदलाव के संकेत नहीं दे रहा है और अगले एक हफ्ते तक यह लगभग मौजूदा स्तर पर ही बना रह सकता है। रविवार को राज्य में दिन का अधिकतम तापमान 25.6 से 30.4 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 12.3 से 19.7 डिग्री के बीच रहा।
उत्तर और पूर्व बिहार के जिले जैसे किशनगंज, पूर्णिया, सुपौल और अररिया में सुबह के समय कोहरा बढ़ने की संभावना है। इससे विजिबिलिटी कम होगी और सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ सकता है। वाहन चालकों को सुबह के वक्त लो-बीम हेडलाइट का इस्तेमाल करने और गति नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए भी मौसम विभाग का सुझाव है कि जैसे-जैसे रातें ठंडी होंगी, फसलों को ओस और ठंडी हवा के असर से बचाने की तैयारी करें। जिन क्षेत्रों में हवा ज्यादा चल रही है, वहां रात के समय खेतों में नमी बचाए रखना फायदेमंद हो सकता है।
Updated on:
24 Nov 2025 07:27 am
Published on:
24 Nov 2025 07:27 am
