
सूरज बिहारी (फोटो- X@Vspeaks)
Bihar News: बिहार के पूर्णिया शहर के बसंत विहार इलाके में मंगलवार को दिनदहाड़े हुई युवा व्यवसायी सूरज बिहारी की हत्या ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। महज 28 वर्षीय सूरज बिहारी को सरेआम गोलियों से भून दिया गया। सूरज बिहारी गुलाबबाग के चौहान टोला के रहने वाले थे और मक्का व्यवसाय से जुड़े एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से आते थे।
हत्या के अगले दिन मृतक के छोटे भाई उदय बिहारी के फर्द बयान पर मरंगा थाना में कांड संख्या 32/26 दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष कौशल कुमार ने बताया कि इस मामले में सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनमें ब्रजेश सिंह, उसका भाई नंदू सिंह, स्नेहिल झा, उसका भाई आदित्य झा, अमन सिंह, रजनीश सिंह और अंशू सिंह शामिल हैं। इसके अलावा तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
पुलिस जांच और परिजनों के बयान के मुताबिक, इस पूरे हत्याकांड की जड़ एक सोशल मीडिया रील बताई जा रही है। सरस्वती पूजा के दौरान एक कार्यक्रम में एक ब्लॉगर द्वारा बनाई गई रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें एक स्थानीय लड़की दिखाई दे रही थी। इस वीडियो को लेकर लड़की के बॉयफ्रेंड, जो बसंत बिहार इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है, ने आपत्ति जताई। पहले धमकी और मारपीट हुई, फिर दोनों पक्षों के बीच विवाद लगातार बढ़ता चला गया।
मंगलवार को विवाद सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के लोग बसंत बिहार स्थित एक विवाह भवन परिसर में मिले। इसी दौरान मृतक का छोटा भाई उदय बिहारी भी वहां मौजूद था। बातचीत के दौरान कहासुनी बढ़ गई और आरोप है कि उदय बिहारी और ब्लॉगर के साथ मारपीट की गई तथा उन्हें बंधक बना लिया गया। इसके बाद उदय ने अपने बड़े भाई सूरज बिहारी को फोन कर मौके पर बुलाया। सूरज अपने निजी सुरक्षा गार्ड के साथ वहां पहुंचे, लेकिन बातचीत के बजाय हालात अचानक हिंसक हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने सूरज बिहारी पर लाइसेंसी हथियार और गार्ड रखने को लेकर तंज कसा और देखते ही देखते ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सूरज को सीने और पैर में गोली लगी। बचाव के लिए उनका निजी गार्ड गाड़ी की ओर भागा, जहां हथियार रखा था, लेकिन हमलावरों ने उस पर भी फायरिंग की। गोली गाड़ी के शीशे में जा लगी। इसके बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।
गोली लगने के बाद सूरज बिहारी को तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने न सिर्फ व्यापारिक समुदाय बल्कि आम लोगों में भी भय पैदा कर दिया है।
एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि इस मामले में तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। एक टीम पूर्णिया जिले में, दूसरी मधेपुरा और आसपास के जिलों में, जबकि तीसरी टीम नेपाल सीमा के इलाकों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी टाटा पंच कार और बाइक से फरार हुए थे। तकनीकी टीम मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ब्रजेश सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर पूर्व में आर्म्स एक्ट और अवैध शराब कारोबार के मामले दर्ज हैं। 2018 में रिमांड होम हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आ चुका है। पुलिस इन सभी बिंदुओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
युवा व्यवसायी की हत्या को लेकर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिजेंद्र यादव समेत कई नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि पूर्णिया में अपराध बेलगाम हो चुका है। मामूली विवादों में लोगों की जान जा रही है, जो कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। कांग्रेस ने दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा देने की मांग की है।
Published on:
29 Jan 2026 02:33 pm

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