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Bihar News:बिहार के भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड के कोल्हरामपुर गांव निवासी शिक्षक कमलेश राय के अपहरण मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला दारोगा अंजली कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। 2019 बैच की दारोगा अंजली कुमारी को लखीसराय से हिरासत में लिया गया। CBI का दावा है कि यह अपहरण केवल अपराध नहीं, बल्कि एक लव ट्रायंगल से जुड़ी गहरी साजिश का नतीजा है।
CBI के अनुसार, मूल रूप से आरा के नवादा थाना क्षेत्र के अनाइठ मोहल्ला की रहने वाली अंजली कुमारी वर्तमान में लखीसराय जिले में तैनात थी। जांच एजेंसी का मानना है कि शिक्षक कमलेश राय के अपहरण की मुख्य साजिशकर्ता वही है। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है। CBI अब उसे रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की तैयारी में है, ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें।
इस मामले में यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है। इससे पहले 19 जनवरी को CBI ने बक्सर के रघुनाथपुर निवासी रूपेश कुमार चौबे को पटना से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में रूपेश से कई अहम जानकारियां मिलीं, जिनमें पैसों की मांग, धमकी और कमलेश राय पर दबाव डालने की बात सामने आई। CBI सूत्रों के मुताबिक, रूपेश महिला दारोगा अंजली का कथित मंगेतर है।
CBI को शक है कि शिक्षक कमलेश राय को त्रिकोणीय प्रेम-प्रसंग (Love Triangle) के चलते अगवा किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि अब तक शव बरामद नहीं होने के कारण हत्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। एजेंसी भोजपुर और बक्सर के इलाकों में पहले मिले अज्ञात शवों की तस्वीरों से कमलेश राय की पहचान कराने की कोशिश कर रही है।
जांच में सामने आया है कि कमलेश राय और अंजली कुमारी एक ही इलाके में किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। दोनों दरोगा बनना चाहते थे। कमलेश परीक्षा में सिर्फ एक अंक से पीछे रह गए, जबकि अंजली का चयन हो गया। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। कमलेश पढ़ाने का काम भी करते थे और अंजली उनके संपर्क में लगातार बनी रही।
परिजनों के अनुसार, कमलेश राय ने अपने माता-पिता को किसी अफेयर से इनकार किया था, जिसके बाद उनकी शादी आरा की युवती किरण से 16 मई 2022 को कर दी गई। हैरानी की बात यह रही कि शादी से पहले और शादी के दौरान भी अंजली और रूपेश लगातार कमलेश के संपर्क में रहे। यहां तक कि बारात में शामिल होने के लिए कमलेश ने अंजली के लिए विशेष गाड़ी भी भेजी थी।
परिवार का दावा है कि 12 जुलाई 2023 को कमलेश राय को अंजली का फोन आया था। इसके बाद वे दोस्त की बीमारी का बहाना बनाकर घर से निकले। अगले दिन 13 जुलाई 2023 को वे सिन्हा थाना क्षेत्र के महुली घाट गए, जहां एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने की बात कही गई थी। इसके बाद वे कभी घर नहीं लौटे। मोबाइल भी बंद हो गया।
कमलेश के पिता राजेश राय का आरोप है कि बेटे के गायब होने के बाद उन्होंने पुलिस को अंजली और रूपेश के नाम बताए थे, लेकिन छह महीने तक पुलिस ने मामले को टाल दिया। कभी कहा गया कि वह डूब गए होंगे। थक-हार कर परिजनों ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद CBI जांच का आदेश दिया गया।
CBI ने जांच के दौरान कई धमकी भरे ऑडियो क्लिप भी जब्त किए हैं। इनमें पैसों की मांग और दबाव बनाने की बातें सामने आई हैं। तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और रूपेश से पूछताछ के आधार पर ही महिला दारोगा अंजली कुमारी की गिरफ्तारी संभव हो पाई।
गिरफ्तारी के बाद महिला दारोगा अंजली कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, यदि आरोप साबित होते हैं तो उनकी बर्खास्तगी भी तय मानी जा रही है।
Published on:
29 Jan 2026 06:15 pm

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