
मघड़ा मंदिर हादसा: सीएम नीतीश कुमार ने किया मुआवजे का ऐलान
मघड़ा मंदिर हादसा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित मघड़ा शीतला देवी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि वे इस घटना से व्यक्तिगत रूप से मर्माहत हैं। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है और घायलों की त्वरित सहायता के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के आश्रितों के लिए तत्काल आर्थिक मदद की घोषणा की है। सरकारी आदेश के अनुसार आपदा प्रबंधन विभाग से प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इस तरह से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 06-06 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं का इलाज वर्तमान में बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल में चल रहा है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है और जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर चिकित्सा केंद्रों में शिफ्ट करने का भी विकल्प खुला रखने को कहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के तुरंत बाद वरीय अधिकारी और जिला प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में मची अफरा-तफरी को नियंत्रित कर लिया गया है। मुख्यमंत्री स्वयं पूरी स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने का भी आदेश दिया है।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा, 'नालंदा स्थित माता शीतला मंदिर में भगदड़ की दुखद घटना अत्यंत ही पीड़ादायक है। इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं। सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत प्रदान की जा रही है। घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें तथा शोकाकुल परिवारों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'
मघड़ा का शीतला माता मंदिर एक प्राचीन सिद्धपीठ है, जहां आज चैत महीने के आखिरी मंगलवार और शीतला अष्टमी के अवसर पर हजारों की भीड़ जुटी थी। परंपरा के अनुसार आज के दिन बासी प्रसाद चढ़ाने का विशेष महत्व होता है, जिसके कारण सुबह से ही कतारें लगी थीं। अचानक मची भगदड़ में 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई श्रद्धालु घायल भी हैं, जिससे उत्सव का माहौल मातम में बदल गया।
Updated on:
31 Mar 2026 12:42 pm
Published on:
31 Mar 2026 12:42 pm
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