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(पटना/बिहार): बिहार में बीते दिनों जो साम्प्रदायिक दंगे हुए उन्हें लेकर खुफिया विभाग ने अहम बात कही हैं। खुफिया विभाग के हवाले से इस बात की पुष्टि की जा रही है कि रामनवमी के मौके पर बिहार के कई शहरों में दंगों की साजिश पहले से रची गई थी। खुफिया जांच के मुताबिक उपद्रवों में बाहरी लोग शामिल थे और बड़ी मात्रा में हथियार भी इकट्ठा किए गए।
पुलिस को मिलीे दंगों से जुड़ी अहम जानकारियां
मार्च 17 और 25 तारीख को हुए दंगों में पुलिस को और भी कई अहम जानकारियां मिली बताई जा रही हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाहरी लोग बड़ी संख्या में इस दौरान बिहार में देखे गए। खुफिया सूत्रों ने बताया कि वीडियो फुटेज में नवादा और औरंगाबाद में कई बाहरी लोगों को देखा गया। इनकी पहचान की जा रही है। कई वाहन भी देखे गए, जिनमें एक काली स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और एक स्कॉर्पियो की पहचान की गई है।
जानकारी के अनुसार औरंगाबाद में दंगे की पूरी तैयारियां की गई थीं। जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल की मानें तो रामनवमी पर इस बार और मौकों से अलग योजनाएं तैयार की गई थीं। बड़ी संख्या में हथियार भी पहले ही घरों में पहुंच गए थे। उनके अनुसार केसरिया पट्टी सिर पर बांधे लोग रामनवमी के पहले ही क्षेत्र में बड़ी तादाद में देखे जाने लगे थे। दूसरा यह कि तलवारें और धारदार हथियार बडी़ मात्रा में लोगों के पास आ गए। फिर मोटरसाइकिल जुलूस निकाले जाने की योजना बनाई गई, जो पहले कभी नहीं की गई थी। खुफिया सूत्रों ने बताया कि धारदार हथियार बाज़ाब्ता ऑर्डर किए गए। पुलिस ने एक ऐसी दुकान की पहचान कर ली है, जहां हथियारों के ऑर्डर दिए गए थे।
पुलिस ने किया एक युवक को गिरफ्तार
पुलिस ने धीरज नाम के युवक को नवादा से पकड़ने का दावा किया है। वह खुद को बजरंग दल का संयोजक बताता है। हालांकि बजरंग दल ने इसके बारे में अब तक कोई खुलासा नहीं किया। हालांकि खुफिया और पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि उसकी निशानदेही पर और भी लोगों के पकड़ में आने की संभावना है।
Published on:
13 Apr 2018 04:21 pm
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