
सांकेतिक तस्वीर। फोटो -(AI Generated)
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाला चुनाव इस बार अनुभवी नेताओं से ज्यादा राजनीतिक वारिसों की एंट्री को लेकर चर्चा में है। लगभग सभी दल अपने-अपने परिवार के सदस्यों को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश में जुटे हैं। कोई अपने बेटे को आगे बढ़ाना चाहता है तो कोई भांजे को राजनीतिक मंच देने की तैयारी में है। यही वजह है कि यह चुनाव राजनीतिक गणित से ज्यादा राजनीतिक वारिसों के उदय का मंच बनता नजर आ रहा है।
चुनाव में एनडीए और महागठबंधन दोनों अपने-अपने सामाजिक समीकरण साधने में लगे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को लेकर हो रही है। वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के भांजे का नाम भी राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा में है।
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश दोनों ही बिहार सरकार में मंत्री हैं, लेकिन अभी तक दोनों में से कोई भी किसी सदन का सदस्य नहीं है। ऐसे में बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर इन दोनों नामों की चर्चा काफी तेज हो गई है।
दरअसल, बिहार विधान परिषद की 9 सीटें खाली हो रही हैं, जबकि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई एक सीट पर उपचुनाव होना है। यानी कुल 10 सीटों पर चुनाव होने हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए एनडीए को आराम से 9 सीटों पर जीत मिलती दिखाई दे रही है, जबकि एक सीट महागठबंधन के खाते में जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, सीटों के बंटवारे में जेडीयू को 4 सीटें, बीजेपी को 3 सीटें, जबकि एक-एक सीट एलजेपी (रामविलास) और आरएलएम यानी उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को मिल सकती है। वहीं, एक सीट आरजेडी के खाते में जाने की चर्चा है। हालांकि, इस पूरे चुनाव में सीटों से ज्यादा उम्मीदवारों और राजनीतिक वारिसों की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है।
बिहार विधान परिषद चुनाव अब राजनीतिक अनुभव से ज्यादा राजनीतिक विरासत का चुनाव बनता नजर आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का विधान परिषद पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि निशांत कुमार अपने पिता की खाली हुई सीट के बजाय जेडीयू कोटे की दूसरी खाली हो रही सीट से परिषद जाएंगे। इससे यह भी संकेत मिल रहे हैं कि जेडीयू कोटे से कुछ मौजूदा एमएलसी का पत्ता कट सकता है।
वहीं, दीपक प्रकाश के बीजेपी कोटे से विधान परिषद जाने की चर्चा है। दूसरी ओर, एलजेपी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल का नाम भी चर्चा में बना हुआ है। हालांकि, पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उनके नाम पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
Updated on:
28 May 2026 12:51 pm
Published on:
28 May 2026 12:51 pm
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