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काशी मॉडल पर बिहार में बनेगा हरिहर नाथ कॉरिडोर, सम्राट कैबिनेट ने 680 करोड़ रुपये को दी मंजूरी

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से सिर्फ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ होता है। इससे करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये का अभूतपूर्व आर्थिक योगदान हुआ है।

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काशी विश्वनाथ फोटो सोर्स @shrivishwanath X account

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर बिहार के सोनपुर स्थित बाबा हरिहर नाथ धाम में भी कॉरिडोर बनाया जाएगा। सम्राट सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार करीब 680 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस परियोजना से न केवल मंदिर का धार्मिक महत्व बढ़ेगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि कॉरिडोर बनने के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही राज्य में 11 नई सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इन प्रस्तावित शहरों में मास्टर प्लान तैयार होने तक जमीन की खरीद-बिक्री और नए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है।

तारापुर का होगा विकास

सम्राट कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बुधवार शाम यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुंगेर जिले के तारापुर में भी धार्मिक और पर्यटन सुविधाओं के विकास का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कृषि विभाग की 15 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी।

इसके अलावा राज्य में 11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने को भी मंजूरी दी गई है। वहीं, IIT Patna में रिसर्च पार्क के लिए 305 करोड़ रुपये और इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए 39.01 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

काशी मॉडल पर बिहार की नजर

दरअसल, सम्राट सरकार ने बिहार में पर्यटन, खासकर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोड़कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से सिर्फ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिला है। इससे करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये का अभूतपूर्व आर्थिक योगदान हुआ है। 25 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन से स्थानीय होटल व्यवसाय, नाविक, साड़ी उद्योग और छोटे विक्रेताओं की आमदनी में 15 से 20 गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है।