उन्होंने बताया कि बाद में बदलते राजनीतिक परिस्थितियों के बीच उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजा गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या विधान परिषद की एक सीट के बदले उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजा गया था, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना था कि जब यह फैसला लिया गया, तब वह इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थे। जायसवाल ने आगे कहा कि प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस संबंध में सही जानकारी केवल केंद्रीय नेतृत्व ही दे सकता है।