
मुरली मनोहर जोशी
धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी की पुरानी और नई दोनों टिप्पणियां चर्चा में हैं। जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "देर आए, दुरुस्त आए। धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।" इसके साथ ही उन्होंने छात्रों को उनके आंदोलन के "शांतिपूर्ण समापन" के लिए भी बधाई दी। यह पहला मौका नहीं है जब मुरली मनोहर जोशी ने धर्मेंद्र प्रधान पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की हो। इससे पहले भी वे प्रधान पर चुटकी ले चुके हैं।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, "मैं इस आंदोलन के शांतिपूर्ण समापन के लिए सभी छात्रों को बधाई देता हूं। मुझे उम्मीद है कि भारतीय शिक्षा जगत में जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल होगी और देश के युवाओं को अपने उज्ज्वल भविष्य और बेहतर तरक्की के लिए पर्याप्त अवसर मिलेंगे।"
करीब 12 वर्ष पहले बिहार में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल कैलाशपति मिश्र की दूसरी पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुरली मनोहर जोशी ने मंच से धर्मेंद्र प्रधान पर हल्के-फुल्के अंदाज में तंज कसा था। उस समय धर्मेंद्र प्रधान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री थे। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए जोशी ने मुस्कुराते हुए कहा था, "प्रधान जी के पास ऐसा मंत्रालय है कि जब चाहें आपका चूल्हा बुझा दें।" इसके बाद उन्होंने यह भी कहा था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आई है, ऐसे में यदि रसोई गैस के दाम भी कम हो जाएं तो आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। जब मुरली मनोहर जोशी यह टिप्पणी कर रहे थे, उस समय मंच पर केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
मुरली मनोहर जोशी ने उसी कार्यक्रम में तत्कालीन भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन पर भी हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ली थी। उन्होंने कहा था, "शाहनवाज जी हमारे प्रवक्ता हैं, लेकिन वे गंभीर बातें भी ऐसे चेहरे के भाव के साथ कहते हैं कि हंसी आ जाती है।" इसके बाद जोशी ने शाहनवाज हुसैन की लोकसभा चुनाव में मिली हार का जिक्र करते हुए कहा, "इनका नाम शाहनवाज है, लेकिन इन्हें गरीबनवाज होना चाहिए। अगर अगली बार भी चुनाव हार गए तो सिर्फ गरीबनवाज ही नहीं, गरीब भी हो जाएंगे।"
Updated on:
26 Jul 2026 05:27 pm
Published on:
26 Jul 2026 05:20 pm
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