
विधायक IP गुप्ता
बिहार के सहरसा से विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता (आईपी गुप्ता) विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद पहली बार अपने क्षेत्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एमएलए फंड में 24 फीसदी कमीशन को लेकर अधिकारियों पर जमकर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि एमएलए फंड किसी के “बाप का पैसा” नहीं, बल्कि जनता का पैसा है। यदि कमीशन के चलते अच्छी सड़क नहीं बनाई गई, तो वे सड़क सहित उसे उखाड़ देने की कार्रवाई करेंगे। इससे पहले बुधवार को उन्होंने जदयू पर तंज कसते हुए कहा था कि बिहार में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार के 20 वर्षों में जिन अधिकारियों ने पैसा कमाया है, वे अब डर के कारण दिल्ली भागने की तैयारी में हैं। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी की जो प्रदेश में सरकार बनेगी, वह कम से कम एक साल तक सख्ती से काम करेगी और इस दौरान सभी गड़बड़ियों को दुरुस्त किया जाएगा।
तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले आईपी गुप्ता ने आगे कहा कि प्रदेश में सरकार जदयू की बने या बीजेपी की, उनके लिए दरवाज़ा खुला रखना होगा। उन्होंने याद दिलाया कि वे पहले भी पान तांती समाज को आरक्षण देने की शर्त पर एनडीए में शामिल होने की बात कह चुके हैं। पेशे से इंजीनियर आईपी गुप्ता का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसके अलग-अलग राजनीतिक मायने भी निकाल रहे हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले आईपी गुप्ता का राज्यसभा चुनाव के तुरंत बाद दिया गया यह बयान बिहार की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे रहा है।
आईपी गुप्ता पान तांती समाज के प्रमुख नेता माने जाते हैं। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पटना के गांधी मैदान में अपने समाज का बड़ा जातीय सम्मेलन आयोजित कर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया था। विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाकर महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ा। आरजेडी ने उन्हें अपने कोटे से एक सीट दी, जिस पर उन्होंने खुद चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। आईपी गुप्ता ने राज्यसभा चुनाव में भी महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह के पक्ष में मतदान किया था।
Updated on:
19 Mar 2026 09:07 pm
Published on:
19 Mar 2026 09:04 pm
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