
जदयू विधायक अनंत सिंह (Photo- ANI)
बिहार के मोकामा से JDU के विधायक अनंत सिंह को आज बड़ी राजत मिली है। हाई-प्रोफाइल दुलारचंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में करीब चार महीने जेल में बिताने के बाद, पटना हाई कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दे दी है। शुक्रवार को कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, उम्मीद है कि वह बेउर जेल से बाहर आ जाएंगे। अनंत सिंह को राहत मिलने की खबर से उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
अनंत सिंह ने निचली अदालत (MP-MLA कोर्ट) द्वारा उनकी जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया था। वहां, उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि जहां पुलिस ने आरोप लगाया था कि अनंत सिंह ने ही जानलेवा गोली चलाई थी, वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण लाठी की चोट और गाड़ी से कुचलना बताया गया है।
अनंत सिंह के वकील ने कोर्ट को आगे बताया कि घटनास्थल पर मौजूद किसी भी पुलिसकर्मी ने अपने आधिकारिक बयानों में अनंत सिंह द्वारा गोली चलाने के आरोप की पुष्टि नहीं की है। वकील ने FIR में विसंगतियों की ओर भी कोर्ट का ध्यान दिलाया, यह बताते हुए कि दुलारचंद के पोते ने अपनी शुरुआती फोन कॉल के दौरान केवल 'मौत' का ज़िक्र किया था न कि 'हत्या' का। बचाव पक्ष ने दलील दी कि चुनावी रंजिश और राजनीतिक बदले की भावना के चलते अनंत सिंह को इस मामले में घसीटा गया है।
जैसे ही अनंत सिंह को जमानत मिलने की खबर उनके समर्थकों तक पहुंची, पटना और मोकामा में उत्सव जैसा माहौल छा गया। कई जगहों पर पटाखे फोड़े गए और मिठाइयां बांटी गईं। पटना स्थित उनके सरकारी आवास पर, उनकी पसंदीदा 3 करोड़ की लैंड क्रूजर कार की विशेष सफाई और डिटेलिंग की जा रही है, इसी कार में बैठकर उनके जेल से बाहर आने की उम्मीद है। समर्थकों का कहना है कि विधायक जी निर्दोष हैं और उन्होंने कल उनका भव्य स्वागत करने का संकल्प लिया है। पूरा मोकामा अपने नेता की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
30 अक्टूबर, 2025 को, जन सुराज पार्टी के एक समर्थक दुलारचंद यादव (75) की बिहार विधानसभा चुनावों के प्रचार अभियान के दौरान हत्या कर दी गई थी। इस मामले के संबंध में, पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया और 1 नवंबर को मोकामा स्थित उनके आवास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद, बिहार में चुनावी हिंसा का मुद्दा एक बड़ा विवाद का विषय बन गया।
यह बात ध्यान देने योग्य है कि जेल में बंद होने के बावजूद, अनंत सिंह राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे। उन्होंने जेल में रहते हुए ही विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता भी। इसके अलावा, वह अपनी शपथ लेने के लिए विधानसभा पहुंचे और हाल ही में, राज्य सभा चुनाव में अपना वोट डालने के लिए भी आए थे। उन्होंने पहले ही संकेत दे दिया था कि वह जल्द ही जेल से रिहा हो जाएंगे, एक ऐसी भविष्यवाणी जो अब सच होती दिख रही है।
Updated on:
19 Mar 2026 02:23 pm
Published on:
19 Mar 2026 02:22 pm
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