
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव
Bihar Politics: बिहार में राज्य सभा चुनावों के नतीजों ने न सिर्फ महागठबंधन का गणित बिगाड़ दिया है, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर एक बड़ा संवैधानिक संकट भी खड़ा कर दिया है। NDA के पांचों सीट जीतने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया है। भाजपा ने तेजस्वी को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे बागी विधायक पर कार्रवाई करके दिखाएं।
राज्य सभा चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह (AD सिंह) की करारी हार के सबसे बड़े विलेन बनकर उभरे हैं राजद के ही ढाका विधायक फैसल रहमान। फैसल रहमान ने वोटिंग के दिन मां की बीमारी का बहाना बनाकर मतदान से किनारा कर लिया, जिससे महागठबंधन की जीत की उम्मीदें धराशायी हो गई।
एक वीडियो बयान जारी करते हुए, BJP प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला। नीरज कुमार ने कहा, 'तेजस्वी यादव बिहार में भ्रष्टाचार का पर्याय बन गए हैं। लालू के लाल, जूनियर लालू में नेतृत्व करने की क्षमता तो छोड़िए, उनमें एक नेता बनने के लिए भी जरूरी दम-खम की कमी है। वो न तो अपने परिवार को संभाल पाए, न ही अपनी राजनीतिक पार्टी को, तो आखिर वह महागठबंधन को संभालने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? वह अपनी मौजूदा हैसियत तक सिर्फ अपने पिता के नाम की बदौलत पहुंचे हैं।'
नीरज कुमार ने आगे कहा, 'तेजस्वी जी अगर आपमे जरा भी नैतिकता बची है, अगर आपमें जरा भी हिम्मत और दम है तो बागी विधायक फैसल रहमान को पार्टी से निकालकर दिखाएं। लेकिन आप भी अच्छी तरह जानते हैं कि आप ऐसा नहीं कर सकते, आपके पास ऐसा करने की ताकत नहीं है। आप अपने बागी MLA को पार्टी से नहीं निकाल सकते। अगर आपने ऐसी कोशिश की, तो विपक्ष के नेता के तौर पर आपकी अपनी कुर्सी ही खतरे में पड़ जाएगी। विधानसभा में आपके पास मुट्ठी भर MLA ही हैं। यहां आपकी मनमानी चलने का कोई चांस नहीं है। बिहार की जनता ऐसे बेबस और नाकाबिल नेता को देखना नहीं चाहती। '
BJP की तरफ से दी गई इस चुनौती के पीछे एक पेचीदा संवैधानिक पहेली छिपी है। असल में, 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा पाने के लिए, किसी भी पार्टी के पास कम से कम 10% सीटें (यानी 25 MLA) होना जरूरी है। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद, RJD के पास अभी सिर्फ 25 MLA हैं।
अगर तेजस्वी यादव फ़ैसल रहमान को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निकाल देते हैं, जिससे उनकी सदस्यता रद्द हो जाएगी तो RJD के MLA की संख्या घटकर 24 रह जाएगी। ऐसे में, तेजस्वी यादव से नेता प्रतिपक्ष (LoP) का आधिकारिक दर्जा और उससे जुड़े विशेषाधिकार छीन लिए जाएँगे।
16 मार्च को हुई वोटिंग के दौरान राजद के फैसल रहमान के अलावा कांग्रेस के तीन विधायकों ने भी मतदान नहीं किया। फैसल रहमान ने सफाई दी कि उनकी मां दिल्ली में बीमार हैं और उनके लिए मां से बढ़कर कुछ नहीं है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इसे 'भीतरघात' माना जा रहा है। भाजपा का आरोप है कि तेजस्वी अपनी कुर्सी बचाने के लिए इस गद्दारी को सहने के लिए मजबूर हैं।
तेजस्वी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए, नीरज कुमार ने कहा कि जो नेता अपने मुट्ठी भर MLA को भी एकजुट नहीं रख सकता, वह महागठबंधन का नेतृत्व करने के लायक नहीं है। उन्होंने तेजस्वी को चुनौती दी कि वे विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर बागी विधायक की सदस्यता रद्द करने की मांग करें। अन्यथा, यह मान लिया जाएगा कि उन्होंने अपनी सीट बचाने की खातिर अपने सिद्धांतों से समझौता कर लिया है।
Published on:
19 Mar 2026 04:47 pm
बड़ी खबरें
View Allपटना
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
