
तेजस्वी यादव के साथ बन्ना गुप्ता और प्रणव झा। फोटो- FB Dr Akhilesh Prasad Singh
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की करारी हार के बाद इंडिया गठबंधन में दरार पड़ती दिखाई दे रही है। कांग्रेस नेताओं ने आरजेडी और भाकपा माले के विधायकों पर धोखा देने का आरोप लगाया है। झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने सहयोगी दलों राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और भाकपा माले पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरजेडी और माले के विधायकों ने कांग्रेस के साथ विश्वासघात किया है, जिसकी वजह से पार्टी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने आगे कहा कि यदि गठबंधन के सभी सहयोगी दल एकजुट होकर साथ खड़े रहते, तो चुनाव के परिणाम अलग हो सकते थे। उनके इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। झारखंड राज्य सभा चुनाव 2026 के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस चुनाव में झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस विधायक और झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी प्रणव झा की हार पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसके लिए आरजेडी और भाकपा माले को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की मजबूती का दावा करने वाले सहयोगी दलों को इस हार के बाद अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। दीपिका पांडेय सिंह के इस बयान के बाद प्रदेश का सियासी तापमान और बढ़ गया है।
कांग्रेस के आरोपों के बाद भाकपा-माले ने सफाई देते हुए कहा है कि पार्टी के दोनों विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है। पार्टी की ओर से अधिकृत एजेंट और वरिष्ठ नेता पीबीएम हलधर महतो तथा सीसीएम गीता मंडल ने भाकपा-माले विधायकों द्वारा डाले गए वोटों की विधिवत पुष्टि की है।
Published on:
18 Jun 2026 07:59 pm
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