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Manish Kashyap और प्रशांत किशोर साथ-साथ, जानिए कैसे कराएंगे नैया पार?

Manish Kashyap ने इस साल जून में बीजेपी से रिजाइन करने का वीडियो जारी किया था।

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पटना

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Ashish Deep

Jul 07, 2025

Buhar Chunav 2025 : चुनाव आयोग ने जनसुराज पार्टी के सिंबल स्कूल बैग को मंजूरी दे दी है। @jansuraj X page

Bihar Chunav 2025 का ऐलान होने से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनीष कश्यप ने सोमवार को प्रशांत किशोर की पार्टी का दामन थाम लिया। उन्होंने पटना में अपने कुछ समर्थकों के साथ जनसुराज पार्टी ज्वाइन कर ली। कुछ महीनों पहले ही मनीष ने बीजेपी से रिजाइन किया था।

कौन हैं मनीष कश्यप

मनीष कश्यम यूट्यूबर हैं और उस पर उनके 1 करोड़ से ज्यादा सबस्क्राइबर हैं। कुछ साल पहले तमिलनाडु पुलिस ने उन्हें फर्जी वीडियो बनाने पर पकड़ा था। ये वीडियो बिहारी मजदूरों के साथ मारपीट और बुरे बर्ताव पर बनाए गए थे। इस गिरफ्तारी के बाद मनीष कश्यप बिहार में और ज्यादा जाने जाने लगे।

2024 में लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में आए

मनीष कश्यप ने बीते महीने ही बीजेपी छोड़ी है। 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले वह पार्टी में आए थे। लेकिन बीजेपी ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया। इस साल जून में उन्होंने बीजेपी से रिजाइन करने का वीडियो जारी किया था। उनका आरोप था कि बीजेपी ने दिल्ली असेंबली इलेक्शन में उनका इस्तेमाल किया और फिर अलग-थलग छोड़ दिया।

कैसे पार कराएंगे प्रशांत किशोर की नैया

राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि मनीष कश्यप का यूट्यूब पर सबस्क्राइबर बेस मजबूत है। इन सबस्क्राइबर में आधे से ज्यादा बिहार के बाशिंदे या प्रदेश से बाहर रह रहे बिहारी हैं। प्रशांत किशोर को मनीष कश्यप के आने से Pan Bihar में फायदा मिल सकता है। मनीष कश्यप अपने पोस्ट में जैसा नैरेटिव बनाते हैं, ये सबस्क्राइबर कहीं न कहीं उससे इत्तफाक रखते हैं। वैसे भी मनीष कश्यप सरकार विरोधी पब्लिसिटी में ज्यादा माहिर हैं। उनकी यही स्ट्रैटेजी प्रशांत किशोर का मास्टर स्ट्रोक बन सकती है।

स्कूल बैग के चुनाव चिह्न पर लड़ेगी जनसुराज पार्टी

चुनाव आयोग ने बीते महीने जनसुराज पार्टी के सिंबल स्कूल बैग को मंजूरी दे दी है। पार्टी इसी चुनाव निशान पर 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी के नेताओं ने चुनाव आयोग के फैसले पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि पार्टी का यह चुनाव चिह्न उसके मोटो के एकदम सटीक झलक है। पार्टी नीति और विकास के जरिए समाज में सुधार और कल्याण लाना चाहती है।