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राज्य सभा चुनाव 2026: 16 मार्च को लेकर NDA की रणनीति तय, सम्राट चौधरी के घर जुटें 202 विधायक

राज्य सभा चुनाव को लेकर एनडीए विधायकों की बैठक बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर हुई। इस बैठक में राज्यसभा की पांचवीं सीट जीतने की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।

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डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी (फोटो- X@ @samrat4bjp)

राज्य सभा की 5 सीटों को लेकर 16 मार्च को चुनाव है। इस चुनाव को लेकर एनडीए विधायकों की डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के घर पर बैठक हुई। इस बैठक में एनडीए (राजग) के 5 दलों के सभी 202 विधायक शामिल हुए। एनडीए की ओर से बीजेपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश राम को अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि जदयू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर को अपना प्रत्याशी बनाया है।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) ने पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। इधर, महागठबंधन प्रत्याशी के भी चुनाव मैदान में आने के बाद चुनाव रोचक हो गया है। पांच सीटों पर छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। इसको देखते हुए एनडीए गठबंधन ने अपने विधायकों के साथ चुनाव को लेकर अपनी रणनीति को अन्तिम रूप दिया।

चुनाव को लेकर रणनीति तैयार

सम्राट चौधरी के आवास पर हुई इस बैठक में एनडीए के 5 के 5 कैंडिडेट को जिताने की रणनीति को अन्तिम रूप दिया गया। बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा है, जो कि बुधवार से ही पटना में कैंप कर रहे हैं। सम्राट चौधरी की कल रात ही इन दोनों से मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के समय बिहार बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और संगठन महासचिव भीखूभाई दलसानिया भी मौजूद थे।

अलग-अलग विधायकों का समूह तैयार

सम्राट चौधरी के घर आज हुई बैठक में एनडीए के 5 कैंडिडेट के लिए वोट डालने वाले अलग-अलग विधायकों के समूह का चयन हुआ। राज्यसभा सीटों के चुनाव में जीतने के लिए एक कैंडिडेट कम से कम 41 वोट चाहिए। इस बैठक में 41-41 विधायकों के 4 ग्रुप बनाया गया। इसके साथ ही बचे हुए 38 एमएलए को 5वें कैंडिडेट को वोट डालने को कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि एनडीए की ओर से विपक्षी खेमे में क्रॉस वोटिंग से 3 और वोट का जुगाड़ करने की रणनीति को अन्तिम रूप दिया गया।

चुनाव नहीं लड़ रही पार्टी को जितवाने की जिम्मेवारी

एनडीए की ओर से राज्य सभा का चुनाव बीजेपी, जेडीयू और आरएलएम लड़ रही है। लेकिन, इनको जिताने की जिम्मेवारी चुनाव नहीं लड़ रहे सहयोगी दलों की भी है। राज्य सभा चुनाव में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) और जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) का कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं है। इनके विधायक बीजेपी, जदयू और उपेंद्र कुशवाहा के प्रत्याशी को वोटिंग करेंगे। बिहार विधानसभा में बीजेपी के 89, जदयू के 85, लोजपा-आर के 19, हम के 5 और रालोमो के 4 विधायक हैं। 41-42 वोट के हिसाब से 164 एनडीए विधायक राज्य सभा के 4 सीट पर जीत पक्की कर लेंगे। लेकिन, 5वीं सीट के लिए एनडीए के पास मात्र 38 वोट ही है। पांचवीं सीट पर जीत पक्की करने के लिए 3 और वोट की उसे जरूरत है। इसको लेकर बीजेपी की नजर बसपा, आईआईपी और कांग्रेस विधायकों पर है।