
असदुद्दीन ओवैसी और राजद नेता तेजस्वी यादव। (फोटो- IANS)
राज्य सभा चुनाव 2026 को लेकर बिहार में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्ष राज्यसभा की खाली हो रही पांच सीटों में से एक पर कब्जा करने की रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसी सिलसिले में बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के बीच लंबी बातचीत हुई।
बैठक के बाद अख्तरुल ईमान ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है और यह एक शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच जो भी चर्चा हुई है, उसे पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के सामने रखा जाएगा। इसके बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद कहा कि जो लोग वर्तमान समय में दलित, शोषित और पीड़ितों की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें एक मंच पर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और बिहार के हित में ऐसी ताकतों का एकजुट होना जरूरी है। राज्य सभा चुनाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर तेजस्वी यादव के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। इस चर्चा की जानकारी AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को दी जाएगी और जल्द ही इस पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
राज्य सभा चुनाव की घोषणा के बाद पिछले महीने ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अपना उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया था और इसके लिए आरजेडी से समर्थन भी मांगा था। इससे विपक्षी खेमे में कुछ समय के लिए असमंजस की स्थिति बन गई थी। हालांकि, 5 मार्च को नामांकन के आखिरी दिन तक AIMIM ने अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा। वहीं, आरजेडी ने अपने मौजूदा राज्य सभा सांसद एडी सिंह का दोबारा मैदान में उतार दिया।
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से पांच प्रत्याशी एनडीए के हैं, जबकि विपक्ष की ओर से एक उम्मीदवार चुनाव लड़ रहा है। एनडीए के पास चार उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त मत हैं, लेकिन पांचवें उम्मीदवार की जीत के लिए उसे तीन और विधायकों के समर्थन की जरूरत है। वहीं, विपक्ष को अपने एकमात्र उम्मीदवार को जिताने के लिए छह अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। इसे देखते हुए दोनों पक्षों की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
एनडीए कोटे से बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। वहीं जदयू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर को अपना प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा एनडीए के समर्थन से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है।
वहीं महागठबंधन की ओर से आरजेडी नेता एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। बिहार विधानसभा में आरजेडी के 25 समेत महागठबंधन के कुल 35 विधायक हैं, जबकि राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। दूसरी ओर बिहार विधानसभा में एनडीए के कुल 202 विधायक हैं। एनडीए नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि विपक्ष के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, जिससे क्रॉस वोटिंग की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।
Updated on:
11 Mar 2026 08:30 pm
Published on:
11 Mar 2026 08:30 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
