
समृद्धि यात्रा के दौरान मंत्री लेसी सिंह (फोटो- वीडियो ग्रैब)
Samriddhi Yatra: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण का तीसरा दिन आज पूर्णिया में था। विकास योजनाओं के शिलान्यास और जनसभा के बीच आज यहां एक बहुत इमोशनल सीन देखने को मिला। मुख्यमंत्री के स्टेज पर आने से पहले जनता को संबोधित कर रही बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह अपना भाषण देते-देते भावुक हो गईं और अचानक मंच पर ही फफक-फफक कर रोने लगीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उन्होंने अपने परिवार का 'रक्षक' और 'कृष्ण' बताया।
मंत्री लेसी सिंह ने पूर्णिया की जनता के सामने अपने दिल की बात रखते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक और व्यक्तिगत यात्रा में मुख्यमंत्री का योगदान एक अभिभावक की तरह रहा है। आंसू पोंछते हुए उन्होंने कहा, 'आज मैं जो कुछ भी हूं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की बदौलत हूं। मेरे परिवार पर जब-जब विपत्ति आई, जब मुश्किलों ने हमें घेरा, तब मुख्यमंत्री जी एक ढाल बनकर हमारे साथ खड़े रहे। उन्होंने बिल्कुल कृष्ण की तरह हमें हर परेशानी से बाहर निकाला।'
लेसी सिंह ने भावुक स्वर में कहा कि एक साधारण महिला को राजनीति में आगे बढ़ाने, उसे शीर्ष तक पहुंचाने और उसे मान-सम्मान दिलाने का श्रेय केवल नीतीश कुमार को जाता है। यह कहते-कहते मंत्री की आवाज भर्रा गई और मंच पर मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए भावुक हो गए।
लेसी सिंह ने रोते हुए बिहार की महिलाओं से अपील की कि वे देखें कि कैसे मुख्यमंत्री ने आधी आबादी को सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार जी ने सिर्फ मुझे नहीं, बल्कि बिहार की लाखों बेटियों और महिलाओं को अवसर दिया है। उनके राज में हम महिलाएं खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करती हैं।'
लेसी सिंह का भावुक होना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे बिहार की राजनीति की एक बेहद सशक्त महिला नेता मानी जाती हैं। वे पूर्णिया के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से 6 बार (2000 से 2025 तक) विधायक चुनी गई हैं। वे पूर्व में बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रह चुकी हैं और वर्तमान में नीतीश कैबिनेट की सबसे विश्वसनीय मंत्रियों में से एक हैं।
इस भावुक दृश्य के बाद जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंच पर पहुँचे, तो उन्होंने पूर्णिया के विकास के लिए खजाना खोल दिया। सीएम ने मत्स्य एवं पशुपालन विभाग की 500 करोड़ रुपये की लागत वाली 200 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने बिना नाम लिए लालू यादव के शासनकाल पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार में अराजकता थी, लोग शाम को घर से बाहर नहीं निकलते थे, लेकिन आज बिहार में कानून का राज है।
सभा से पहले नीतीश कुमार ने प्रसिद्ध मां पूरणदेवी मंदिर में करीब 15 मिनट तक पूजा-अर्चना की। उन्होंने देवी से आशीर्वाद लिया और बिहार के भविष्य के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पूर्णिया में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे, और शहर में ट्रैफिक रूट भी बदले गए थे। समृद्धि यात्रा 10 मार्च को सुपौल से शुरू हुई थी और 14 मार्च को शेखपुरा में खत्म होगी।
Updated on:
12 Mar 2026 01:06 pm
Published on:
12 Mar 2026 01:06 pm
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