
राजद नेता तेजस्वी यादव और HAM नेता दानिश रिजवान
बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के सलाहकार दानिश रिजवान ने RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव पर चरित्र हनन का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में, दानिश ने भोजपुर साइबर पुलिस स्टेशन को एक ईमेल भेजकर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने का अनुरोध किया है।
दानिश रिजवान का आरोप है कि उनका एक पुराना वीडियो AI का इस्तेमाल करके एडिट किया गया और उसके बाद उनकी सार्वजनिक छवि खराब करने के लिए उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। जबकि राजद इसे गुंडाराज का सबूत कह रहा है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब RJD के आधिकारिक एक्स हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया। इस वीडियो में कथित तौर पर दानिश रिजवान को खुलेआम हवा में गोलियां चलाते हुए दिखाया गया था। इस मामले पर तीखा हमला बोलते हुए RJD ने लिखा, 'बिहार में आखिर कौन स नियम कानून है? यह NDA का राज है मतलब गुंडों का राज है। यहां HAM के प्रवक्ता और केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के सलाहकार दानिश रिजवान खुलेआम गोलियां चला रहे हैं… जबकि नीतीश कुमार और बिहार पुलिस मुंह में दही जमाकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।'
वीडियो वायरल होने के बाद, दानिश रिजवान ने बेहद आक्रामक रुख अपना लिया। तेजस्वी यादव पर निजी हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि तेजस्वी जी ने खुद ऐसा किया होगा, क्योंकि वह आमतौर पर शाम 6 बजे के बाद शराब के नशे में होते हैं। उनके इसी नशे का फायदा उठाकर, उनकी IT सेल के सदस्यों ने यह गंदा खेल रचा है।' दानिश ने तेजस्वी को एक सलाह भी दी कि उन्हें कोई भी वीडियो पोस्ट करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच कर लेनी चाहिए।
इस वीडियो को एक साजिश बताते हुए, दानिश रिजवान ने अपने दावों को साबित करने के लिए तर्क पेश किए। उन्होंने कहा कि वीडियो में कई तकनीकी खामियां हैं, जो साफ तौर पर बताती हैं कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके बनाया गया है। खास तौर पर, उन्होंने दावा किया कि वीडियो में दिखाया गया है कि सिर्फ आधे सेकंड के अंदर चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जो कि एक आम रिवॉल्वर से नामुमकिन है। यानि यह वीडियो पूरी तरह से AI तकनीक से छेड़छाड़ कर बनाया गया है।
दानिश ने बताया कि जिस वीडियो को वायरल किया जा रहा है, उसे लेकर 2017 में ही उनपर कार्रवाई हो चुकी है। उन्होंने बताया कि उस समय उनका लाइसेंस रद्द कर दिया गया था, लेकिन बाद में कोर्ट ने आरोपों को गलत मानते हुए उनका लाइसेंस बहाल कर दिया। तंज कसते हुए दानिश ने कहा, 'तेजस्वी जी आपको थोड़ी पढ़ाई-लिखाई करनी चाहिए, एक ही अपराध के लिए किसी व्यक्ति के खिलाफ दो बार कार्रवाई नहीं की जा सकती।'
दानिश रिजवान ने भोजपुर साइबर पुलिस स्टेशन को ईमेल के जरिए एक औपचारिक अनुरोध भेजा है, जिसमें FIR दर्ज करने की मांग की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, तकनीकी जांच करने की जिम्मेदारी आरा सदर के SDPO को सौंपी गई है। अब पुलिस वीडियो के असली स्रोत का पता लगाने और यह तय करने की कोशिश करेगी कि क्या वाकई इसमें AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके छेड़छाड़ की गई थी।
Updated on:
27 Mar 2026 01:53 pm
Published on:
27 Mar 2026 01:53 pm
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