
मंत्री संजय सिंह और उनका परिवार (फोटो- X@RJD)
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) द्वारा जारी एक सरकारी कैलेंडर ने हाल ही में एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने संजय सिंह पर पद के दुरुपयोग और सरकारी पैसों की बर्बादी के गंभीर आरोप लगाए हैं। संजय सिंह LJP (राम विलास) के विधायक हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA सरकार में पहली बार मंत्री बने हैं। RJD का दावा है कि मंत्री ने विभाग के आधिकारिक कैलेंडर को अपने निजी पारिवारिक एल्बम में बदल दिया है। इसे आत्म-प्रचार की पराकाष्ठा बताते हुए, RJD ने सरकार की ईमानदारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर कैलेंडर की तस्वीरें शेयर करते हुए, RJD ने सीधे तौर पर मंत्री संजय सिंह और नीतीश सरकार दोनों को निशाना बनाया है। RJD ने लिखा, 'सरकारी पैसे का कैसे दुरुपयोग होता है इसका नमूना देख लीजिए। PHED मंत्री संजय सिंह अपने विभाग के कैलेंडर में अपने परिवार और बच्चों की तस्वीरें लगाकर क्या साबित करना चाहते हैं? ये बिहार सरकार के मंत्रालय का कैलेंडर है या मंत्री जी की निजी फैक्ट्री का?'
अपनी पोस्ट में, RJD ने मंत्री पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि जब आत्म-प्रचार की बात आती है, तो संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी पीछे छोड़ दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जब मंत्रालय जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बजाय अमीर कारोबारियों को रेवड़ियों की तरह बांटे जाते हैं, तो सार्वजनिक पद की गरिमा का इसी तरह मजाक उड़ना तय है।
बता दें कि संजय सिंह लोजपा (रामविलास) के कोटे से मंत्री हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में, उन्होंने वैशाली की महुआ सीट से जीत हासिल की थी, जिसमें उन्होंने लालू यादव के बड़े बेटे और JJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव एवं RJD के मुकेश रोशन, दोनों को हराया था। कारोबारी से राजनेता बने संजय सिंह पहली बार विधायक बने और उन्हें सीधे नीतीश मंत्रिमंडल में जगह मिल गई। अब जब उनकी पत्नी अलका सिंह और उनके बच्चों की तस्वीरें सरकारी कैलेंडर पर छपी है, तो विपक्ष को भुनाने के लिए एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा मिल गया है।
RJD ने चिराग पासवान की पार्टी पर भी निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि LJP (R) ने आम कार्यकर्ताओं को दरकिनार करके, पैसे के दम पर आगे बढ़ने वाले नेताओं को बढ़ावा दिया है। विपक्ष का तर्क है कि सरकारी कैलेंडर पर विभाग की उपलब्धियां, जल संरक्षण के संदेश या मुख्यमंत्री की तस्वीर छापना तो समझ में आता है, लेकिन किसी मंत्री के रिश्तेदारों की तस्वीरें छापना जनता के टैक्स के पैसे की सरासर बर्बादी है।
Published on:
26 Mar 2026 06:59 pm
बड़ी खबरें
View Allपटना
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
